वाराणसी में स्थित Banaras Hindu University से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर खुद को करीब 100 इंसुलिन इंजेक्शन लगा लिए, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
जानकारी के अनुसार महिला डॉक्टर विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। साथी डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बताया जा रहा है कि घटना से पहले महिला डॉक्टर की किसी सीनियर डॉक्टर के साथ कहासुनी हो गई थी। इस नोकझोंक के बाद वह काफी तनाव में आ गई थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इसी तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाने की कोशिश की। हालांकि इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारी सक्रिय हो गए। मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भी दी गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला डॉक्टर को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई और उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में लगी हुई है।
सूत्रों के अनुसार इंसुलिन की इतनी अधिक मात्रा शरीर में जाने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से गिर सकता है, जिससे व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है। अस्पताल के डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरी उपचार किया जा रहा है।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी चर्चा का माहौल है। कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कार्यस्थल पर तनाव और दबाव की स्थिति कई बार गंभीर रूप ले सकती है। अस्पताल के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि डॉक्टरों पर काम का दबाव काफी अधिक रहता है, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। यदि किसी तरह की लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल महिला डॉक्टर का इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उनके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन भी मामले की आंतरिक जांच कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके











