बिहार में राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम, भवन निर्माण विभाग का सख्त रुख

Rabri Devi को सरकारी बंगला खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया गया है। बिहार के भवन निर्माण विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्धारित समय सीमा

पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के सरकारी आवास को लेकर बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली कराने के लिए 22 जून को अंतिम नोटिस जारी किया है।

पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड वाला आधिकारिक सरकारी बंगला खाली करने के लिए राज्य सरकार ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। भवन निर्माण विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री को 29 जून 2026 तक हर हाल में आवास खाली करना होगा। यदि तय समयसीमा के भीतर बंगला खाली नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह मामला राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह आवास लंबे समय से राबड़ी देवी के उपयोग में रहा है।

भवन निर्माण विभाग का सख्त रुख

भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई पहला आदेश नहीं है। विभाग के अनुसार इससे पहले भी कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, जिनमें 15 दिसंबर 2025 का नोटिस भी शामिल है। नए आदेश में कहा गया है कि निर्धारित तिथि तक बंगला खाली कर नए आवंटी को सौंपना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने पर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 10 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला अब राज्य के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। इसके बदले में राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह स्थानांतरण सरकारी आवास आवंटन नीति के तहत किया गया नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।

राबड़ी देवी की आपत्तियां

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पहले भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर नए आवास को लेकर कुछ आपत्तियां जताई थीं। उन्होंने कहा था कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में कई व्यावहारिक समस्याएं हैं। उनकी प्रमुख चिंताओं में रसोईघर का छोटा आकार, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और सुरक्षाकर्मियों के लिए पर्याप्त स्थान न होना शामिल था। 

उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि उनके पति और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अलग कमरे की आवश्यकता है, क्योंकि हाल ही में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है और संक्रमण का जोखिम बना रहता है।

पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस

भवन निर्माण विभाग के अनुसार, यह विवाद नया नहीं है। विभाग का दावा है कि पूर्व में भी कई बार आवास खाली करने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन उन पर पूरी तरह से अमल नहीं हुआ। अब अंतिम नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह अंतिम अवसर है और निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

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