बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल खत्म, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की सख्ती का दिखा असर

बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की लंबी हड़ताल खत्म हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की कड़ी कार्रवाई और सख्ती के चलते हड़ताल का असर पड़ा

बिहार में भूमि और राजस्व विभाग के करीब 300 अधिकारियों ने हड़ताल छोड़कर काम पर वापसी कर ली है। इस कदम के पीछे Vijay Kumar Sinha की सख्ती और अपील का असर माना जा रहा है। अधिकारियों की यह वापसी राज्य प्रशासन और जनता के हित के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पटना: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील का असर दिखने लगा है। उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के आग्रह के बाद करीब 300 अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी काम पर लौट आए हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण विभाग के कार्यों में विलंब हो रहा था, लेकिन अब अधिकांश अधिकारी अपनी ड्यूटी पर लौटने लगे हैं। इससे विभाग की नियमित गतिविधियों और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

हड़ताल पर लौटने वाले अधिकारी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के करीब 300 अंचलाधिकारी और राजस्व सेवा अधिकारी अब काम पर लौट चुके हैं। अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री की अपील के बाद यह कदम उठाया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि काम पर लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को अधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। 

उन्होंने कहा कि इस दौरान काम पर लौटने वाले अधिकारी सुरक्षित रहेंगे और हड़ताल की अवधि का समायोजन भी किया जाएगा। उनका उद्देश्य स्पष्ट था: टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समन्वय के माध्यम से जनहित के कार्यों को गति देना। विजय कुमार सिन्हा ने कहा, राजस्व विभाग के अधिकारी आम जनता से सीधे जुड़े हुए हैं। उनकी सेवाओं में किसी भी प्रकार का अवरोध लोगों के हित में नहीं है। इसीलिए काम पर लौटना प्राथमिकता होनी चाहिए।

बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल खत्म, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की सख्ती का दिखा असर

मार्च में हड़ताल ठीक नहीं

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा चल रही है और राजस्व महा अभियान के तहत लगभग 46 लाख आवेदनों का निपटारा करना बाकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ई-मापी अभियान भी जारी है। सभी कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरान हड़ताल से काम प्रभावित होने की स्थिति में जनहित को नुकसान पहुंच सकता था। इसी कारण उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तुरंत काम पर लौटने का आग्रह किया।

अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर कड़ी नजर

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतें कई बार मिली हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई होगी। उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हड़ताल से वापस लौटने वाले अधिकारियों को तत्काल कार्यभार सौंपा जाएगा। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिकारियों के योगदान पर नजर रखें और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें।

डिप्टी सीएम ने दोहराया कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा, लोगों का हित हमारी प्राथमिकता है। हड़ताल से प्रभावित कार्यों को समय पर पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है।

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