बिहार MLC चुनाव की घोषणा, 23 अक्टूबर को मतदान; शिक्षक-स्नातक की 8 सीटों पर चुनाव, PK ने 5 और राजद ने 6 उम्मीदवार उतारे

बिहार विधान परिषद की 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा। 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। जन सुराज ने 5 और राजद ने 6 उम्मीदवार घोषित किए हैं।
बिहार MLC चुनाव की घोषणा, 23 अक्टूबर को मतदान; शिक्षक-स्नातक की 8 सीटों पर चुनाव, PK ने 5 और राजद ने 6 उम्मीदवार उतारे
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बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन सभी आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। बिहार में जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर 2026 को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और इसी के साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक समाप्त करने की समयसीमा तय की है।

बिहार की जिन आठ विधान परिषद सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होगा। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण इन सीटों पर नए सिरे से निर्वाचन कराया जा रहा है।

वर्तमान सदस्यों की बात करें तो पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक से बंशीधर ब्रजवासी और कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव विधान पार्षद हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना से नवल किशोर यादव, दरभंगा से डॉ. मदन मोहन झा, तिरहुत से संजय कुमार सिंह और सारण शिक्षक क्षेत्र से आफाक अहमद वर्तमान सदस्य हैं। इन सभी का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होना है।

चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है। अब चुनाव से जुड़े राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों की ओर से औपचारिक चुनावी गतिविधियां और प्रचार अभियान भी तेज होने की संभावना है।

इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने आयोग की घोषणा से पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। राजद ने छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की ओर से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोसी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है। राजद ने दो सीटों पर उम्मीदवारों के नाम बाद में तय करने की बात कही थी।

दूसरी ओर जन सुराज पार्टी ने भी विधान परिषद चुनाव में अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने पांच सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है। इनमें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक से आफाक अहमद, पटना शिक्षक से डॉ. दिव्या ज्योति और कोसी स्नातक से रजनीश रंजन शामिल हैं।

जन सुराज की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद इन सीटों पर चुनावी गतिविधियां और चर्चा बढ़ गई हैं। खासकर उन निर्वाचन क्षेत्रों में जहां एक से ज्यादा प्रमुख दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने तैयारी शुरू कर दी है, वहां उम्मीदवारों के बीच प्रचार और मतदाताओं से संपर्क का दौर तेज होगा। हालांकि किस उम्मीदवार को कितने मत मिलेंगे या चुनाव परिणाम किसके पक्ष में जाएगा, इसका आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी।

बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्धारित मतदाता सूची के आधार पर संबंधित पात्र मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के सामने सामान्य चुनाव की तुलना में अलग तरह की चुनावी चुनौती रहती है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्र स्नातक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

पटना स्नातक सीट पर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यहां मौजूदा जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह से जुड़े राजनीतिक बयानों के कारण चर्चा बनी हुई है। जन सुराज ने यहां अनंत सिंह के समर्थित बताए जा रहे अनुज कुमार सिंह को मैदान में उतारने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाक्रमों के कारण पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

दरभंगा स्नातक सीट पर राजद ने अनिल कुमार झा और जन सुराज ने रवींद्र यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद के एसपी राय नहीं बल्कि जन सुराज की ओर से सुरेश प्रसाद राय के नाम की जानकारी अलग रिपोर्ट में सामने आई है; जबकि राजद की घोषित छह सीटों वाली सूची में दरभंगा शिक्षक का नाम शामिल नहीं था। इसलिए इस सीट पर अन्य दलों के उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर नामांकन के बाद और स्पष्ट होगी।

तिरहुत स्नातक सीट पर राजद ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट के वर्तमान विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी हैं। वहीं तिरहुत शिक्षक सीट पर मौजूदा सदस्य संजय कुमार सिंह हैं। उपलब्ध उम्मीदवार सूचियों के अनुसार अलग-अलग दलों की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा की प्रक्रिया जारी है। अंतिम मुकाबले की तस्वीर नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद स्पष्ट होगी।

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राजद ने नितेश कुमार और जन सुराज ने रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट के वर्तमान विधान पार्षद डॉ. एनके यादव हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद ने प्रो. जयराम यादव को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने यहां मौजूदा निर्दलीय सदस्य आफाक अहमद को उम्मीदवार घोषित किया है।

चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ अब उम्मीदवारों को नामांकन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 29 सितंबर से नामांकन शुरू होने के बाद प्रत्याशियों को अपने दस्तावेज जमा करने होंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए जाते हैं। इसके बाद 9 अक्टूबर तक नाम वापसी का समय रहेगा। इसी प्रक्रिया के बाद प्रत्येक सीट पर अंतिम उम्मीदवारों की सूची सामने आएगी।

23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक का समय निर्धारित किया है। मतदान के बाद चुनाव सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। मतगणना के दिन सभी आठ सीटों के परिणाम सामने आने की उम्मीद है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक समाप्त हो जाएगी।

इन आठ सीटों पर चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं। चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्वतंत्र उम्मीदवारों की भी भूमिका रहती है। पिछले चुनावों में भी कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को प्रभावित किया है। इस बार भी विभिन्न दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों की सक्रियता के कारण चुनावी तस्वीर नामांकन पूरा होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

जन सुराज की पांच उम्मीदवारों की घोषणा के बाद पार्टी ने इन चुनावों में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं राजद की ओर से छह उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं। अन्य दलों की ओर से भी उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशियों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि अभी अंतिम सूची जारी नहीं हुई है, क्योंकि नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया बाकी है।

चुनाव आयोग की घोषणा के बाद अब संबंधित जिलों के प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, मतदाता सूची, चुनाव सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया से जुड़े दूसरे इंतजाम तय कार्यक्रम के अनुसार किए जाएंगे। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद चुनावी गतिविधियों पर आयोग की निगरानी भी रहेगी।

इस चुनाव में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों का विस्तार कई जिलों तक है, इसलिए उम्मीदवारों को अलग-अलग इलाकों में मतदाताओं से संपर्क करना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार अपने एजेंडे और स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच जाएंगे।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तारीख 23 अक्टूबर है, जब इन आठ सीटों के लिए मतदान होगा। इससे पहले 29 सितंबर से नामांकन शुरू होगा और 6 अक्टूबर अंतिम तारीख रहेगी। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच तथा 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के पास मतदान से पहले प्रचार के लिए सीमित समय रहेगा।

27 अक्टूबर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम सामने आएंगे। इसके बाद निर्वाचित उम्मीदवारों के कार्यकाल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए उससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने का कार्यक्रम तय किया गया है।

बिहार में विधान परिषद चुनाव की घोषणा के साथ अब शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होना तय है। राजद और जन सुराज ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि अन्य दलों की ओर से भी प्रत्याशियों की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट होगी। अंतिम मुकाबला नामांकन और नाम वापसी के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल चुनाव आयोग ने 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना की तारीख तय कर दी है।

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