बिहार MLC चुनाव में बड़े उलटफेर अनंत सिंह ने मानी हार पटना में नवल किशोर यादव हारे तिरहुत में भाजपा और दरभंगा में जन सुराज की जीत

बिहार MLC चुनाव में पटना शिक्षक सीट पर राजद के संजीव कुमार जीते। दरभंगा में जन सुराज के सुरेश राय और तिरहुत में भाजपा के नरेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की।
बिहार MLC चुनाव में बड़े उलटफेर अनंत सिंह ने मानी हार पटना में नवल किशोर यादव हारे तिरहुत में भाजपा और दरभंगा में जन सुराज की जीत
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बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना में कई अहम नतीजे सामने आए हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा, राजद, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से विधान पार्षद रहे नवल किशोर यादव को राजद के डॉ. संजीव कुमार ने हराया। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मदन मोहन झा को पराजित किया, जबकि तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले राहुल राज विजयी रहे। इन परिणामों से बिहार की विधान परिषद की राजनीति में नए समीकरण उभरकर सामने आए हैं।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम सबसे अधिक चर्चा में रहा, जहां राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को शिकस्त दी। नवल किशोर यादव लंबे समय से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और कई बार चुनाव जीत चुके थे। इस बार राजद उम्मीदवार ने उन्हें पीछे छोड़कर सीट अपने नाम कर ली। संजीव कुमार की जीत को राजद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस परिणाम के बाद पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया और राजद को विधान परिषद में एक सीट मिली।

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मदन मोहन झा को हराकर जीत दर्ज की। सुरेश राय को 2,593 मत मिले, जबकि मदन मोहन झा को 2,269 मत प्राप्त हुए। इस तरह सुरेश राय ने 324 मतों के अंतर से जीत हासिल की। मदन मोहन झा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इस सीट पर जीत जन सुराज के लिए अहम रही, क्योंकि इससे पार्टी को बिहार विधान परिषद में अपना प्रतिनिधित्व मिला।

तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें 2,945 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को 2,351 मत प्राप्त हुए। नरेंद्र प्रताप सिंह ने 594 मतों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर निवर्तमान विधान पार्षद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा की इस जीत से पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत हासिल की। वह भाजपा से जुड़े रहे थे, लेकिन चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। उन्होंने जदयू के आनंद पुष्कर को पीछे छोड़ते हुए सीट पर कब्जा किया। इस सीट पर जन सुराज के निवर्तमान विधान पार्षद अफाक अहमद भी चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके। सारण के परिणाम ने भी चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया, क्योंकि यहां किसी प्रमुख दल के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को हराकर जीत दर्ज की। अनुज सिंह को मोकामा के विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त था। इस मुकाबले को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक खींचतान भी चर्चा में रही। परिणाम सामने आने के बाद अनंत सिंह ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि नीरज कुमार जीत गए और वह हार गए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से थी। 

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराया। संजीव कुमार को 4,487 मत मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार जीत चुके थे। इस बार उनकी हार से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदल गया। राजद के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि पार्टी ने भाजपा के अनुभवी विधान पार्षद को हराकर सीट अपने नाम की।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मुकाबला दिलचस्प रहा। दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार ने राजद के अनिल कुमार झा के खिलाफ बढ़त बनाई थी, जबकि तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी आगे चल रहे थे। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा के उम्मीदवार एनके यादव बढ़त बनाए हुए थे। इन सीटों पर वरीयता आधारित मतगणना के कारण अंतिम परिणाम तय करने में समय लगा। 

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की चार स्नातक सीटें तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की चार शिक्षक सीटें शामिल थीं। चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे। शिक्षक सीटों के नतीजों में भाजपा, राजद, जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशी को एक-एक सीट मिलने से मुकाबला अलग-अलग दलों और उम्मीदवारों के बीच बंटा नजर आया। स्नातक सीटों के परिणाम भी राजनीतिक दलों के लिए अहम रहे, क्योंकि इनसे विधान परिषद में उनकी स्थिति प्रभावित होती है।

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