भारत की प्रमुख बायोफार्मास्युटिकल कंपनी Biocon Limited के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक खबर सामने आई है। कंपनी की लंबे समय से साझेदार रही Duopharma Biotech को Ministry of Health Malaysia (MoH) से इंसुलिन की आपूर्ति के लिए कई बड़े टेंडर प्राप्त हुए हैं।
बिजनेस न्यूज़: भारत की प्रमुख बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कंपनी की सहयोगी संस्था डुओफार्मा बायोटेक को मलेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय से 225 मिलियन मलेशियाई रिंगिट (लगभग 511 करोड़ रुपये) से अधिक मूल्य के इंसुलिन सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुए हैं। यह समझौता न केवल बायोकॉन की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में मधुमेह उपचार से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
बायोकॉन की संस्थापक और कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ के नेतृत्व में कंपनी पिछले कई वर्षों से वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है। मलेशिया से मिला यह नया अनुबंध कंपनी की अंतरराष्ट्रीय रणनीति और जैव-औषधि क्षेत्र में उसकी बढ़ती विश्वसनीयता का संकेत माना जा रहा है।
तीन प्रमुख इंसुलिन उत्पादों की होगी आपूर्ति
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बायोकॉन की मलेशियाई इकाई Biocon Sdn. Bhd. डुओफार्मा बायोटेक को तीन अलग-अलग प्रकार की इंसुलिन उपलब्ध कराएगी। इनमें शॉर्ट-एक्टिंग रिकॉम्बिनेंट ह्यूमन इंसुलिन, इंसुलिन ग्लार्गिन और इंसुलिन एस्पार्ट शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। बढ़ते डायबिटीज मामलों को देखते हुए इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
अनुबंध की अवधि विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। ह्यूमन इंसुलिन की आपूर्ति तीन वर्षों तक की जाएगी, जबकि इंसुलिन ग्लार्गिन और इंसुलिन एस्पार्ट की आपूर्ति दो-दो वर्षों तक जारी रहेगी।
मलेशिया में मजबूत हुई बायोकॉन की स्थिति

बायोकॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीहास तांबे ने कहा कि मलेशिया कंपनी की वैश्विक इंसुलिन रणनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि जोहोर स्थित बायोकॉन की अत्याधुनिक इंसुलिन निर्माण इकाई एशिया की सबसे बड़ी एकीकृत इंसुलिन उत्पादन सुविधाओं में से एक है।कंपनी ने वर्ष 2011 से इस विनिर्माण केंद्र में 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है। यह सुविधा आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता मानकों के आधार पर वैश्विक बाजारों के लिए इंसुलिन उत्पाद तैयार करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश बायोकॉन को एशियाई बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर रहा है और कंपनी को भविष्य की मांगों को पूरा करने में सक्षम बना रहा है।
लाखों मधुमेह मरीजों को मिलेगा लाभ
मलेशिया में डायबिटीज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। अनुमान है कि देश में लगभग 4.75 मिलियन लोग मधुमेह से प्रभावित हैं। पिछले एक दशक में बायोकॉन और डुओफार्मा बायोटेक की साझेदारी के माध्यम से मलेशियाई स्वास्थ्य प्रणाली को 12 करोड़ से अधिक इंसुलिन कार्ट्रिज की आपूर्ति की जा चुकी है। इससे लगभग 4.5 लाख मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
डुओफार्मा बायोटेक के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी वान आमिर-जेफरी ने कहा कि बायोकॉन के साथ उनकी दीर्घकालिक साझेदारी मलेशिया की दवा सुरक्षा को मजबूत करने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डायबिटीज से आगे बढ़कर अन्य क्षेत्रों में विस्तार
दोनों कंपनियां केवल डायबिटीज उपचार तक सीमित नहीं हैं। पिछले कई वर्षों से वे कैंसर उपचार से जुड़े ऑन्कोलॉजी उत्पादों पर भी मिलकर काम कर रही हैं। इसके अलावा हाल के वर्षों में ऑप्थल्मोलॉजी यानी नेत्र विज्ञान से संबंधित बायोलॉजिकल दवाओं के क्षेत्र में भी विस्तार किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विविधीकरण बायोकॉन को भविष्य में वैश्विक जैव-औषधि उद्योग में और मजबूत स्थिति दिला सकता है।











