ब्रिटेन में भीषण गर्मी के कारण 1000 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं या जल्दी छुट्टी कर रहे हैं। दक्षिण इंग्लैंड में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे रेड हीट अलर्ट जारी किया गया है और जनजीवन प्रभावित है।
लंदन: ब्रिटेन के दक्षिणी हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान के बीच इंग्लैंड और वेल्स में 1,000 से ज्यादा स्कूल या तो बंद कर दिए गए हैं या समय से पहले छुट्टी कर रहे हैं। तेज गर्मी और बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति केवल असुविधाजनक नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में जानलेवा साबित हो सकती है। सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जीवन पर इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।
दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 37°C तक पहुंचने का अनुमान
ब्रिटेन के मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 37°C तक पहुंच सकता है, जबकि “फील्स लाइक” तापमान इससे भी अधिक महसूस हो सकता है। गर्म और नम हवाओं के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी का अनुभव हो रहा है।
बीबीसी वेदर के अनुसार दिन के मध्य तक तापमान में और तेजी आने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड टूट सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जून महीने में दर्ज किए गए पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकता है।
रेड और एम्बर हीट अलर्ट जारी, जीवन पर खतरे की चेतावनी
मौसम विभाग (Met Office) ने इंग्लैंड और वेल्स के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है, जो गुरुवार रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह चेतावनी का सबसे उच्च स्तर होता है, जिसका मतलब है कि गर्मी के कारण स्वास्थ्य, परिवहन और सार्वजनिक सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और जीवन को खतरा भी हो सकता है।
इसके अलावा, दक्षिणी और पूर्वी इंग्लैंड के लिए शनिवार तक एम्बर (Amber) हीट वॉर्निंग भी जारी की गई है। अधिकारियों ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है, खासकर रेल यात्रियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
1,000 से ज्यादा स्कूल प्रभावित, शिक्षा व्यवस्था पर असर
तेज गर्मी के कारण इंग्लैंड और वेल्स में 1,000 से अधिक स्कूलों को या तो बंद करना पड़ा है या उन्हें जल्दी छुट्टी देनी पड़ी है। कई स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि देश का पुराना स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर अब बदलते मौसम के लिए तैयार नहीं है। कई स्कूल भवन 1950 और 1960 के दशक में बनाए गए थे, जिनमें बड़े कांच के खिड़कीदार ढांचे गर्मी को अंदर रोक लेते हैं और वेंटिलेशन की सुविधा सीमित है।

पुराना स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर बना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन के अधिकांश स्कूल भवन आधुनिक जलवायु परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन नहीं किए गए थे। भवनों में एयर कंडीशनिंग की कमी और खराब वेंटिलेशन के कारण गर्मी अंदर ही फंस जाती है।
कुछ नए स्कूल भवनों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन उनके रखरखाव की लागत अधिक होने के कारण कई जगह वे पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। विशेषज्ञों ने इसे एक “टिकिंग टाइम बम” बताया है, जो भविष्य में और गंभीर संकट पैदा कर सकता है।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान और “ट्रॉपिकल नाइट्स” की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ब्रिटेन में हाल ही में “ट्रॉपिकल नाइट” दर्ज की गई, जिसमें रात का तापमान 22.3°C तक बना रहा और नीचे नहीं गिरा। यह स्थिति शरीर को आराम नहीं करने देती और स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव डालती है। दिन के समय तापमान 31°C से ऊपर तेजी से बढ़ रहा है, और दोपहर तक यह 37–38°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो यह जून महीने के अब तक के सबसे उच्च तापमान रिकॉर्ड को तोड़ देगा।
रेल और परिवहन सेवाओं पर असर, लोगों को सावधानी की सलाह
भीषण गर्मी के कारण रेल यात्रियों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है। गर्मी के कारण रेलवे ट्रैक के फैलने और तकनीकी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, जिससे देरी और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है, और कई क्षेत्रों में यात्रियों को वैकल्पिक योजनाएं अपनाने की सलाह दी जा रही है।
जलवायु परिवर्तन को बताया जा रहा मुख्य कारण
मौसम विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की अत्यधिक गर्मी के पीछे जलवायु परिवर्तन एक प्रमुख कारण है। ग्लोबल हीटिंग के चलते हीटवेव की घटनाएं अधिक बार, अधिक तीव्र और लंबे समय तक रहने लगी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में तापमान रिकॉर्ड लगातार टूट रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक जलवायु तेजी से बदल रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण है। लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, धूप से बचने और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।










