FICCI कार्यक्रम के दौरान ब्रिटानिया के CEO रक्षित हरगवे ने बताया कि कंपनी क्षेत्रीय बाजारों के लिए नई रणनीति अपना रही है। स्थानीय प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए उत्पाद, पैकेजिंग और वितरण मॉडल को बाजार की जरूरतों के अनुसार बदला जा रहा है।
Business: ब्रिटानिया ने क्षेत्रीय रणनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के CEO रक्षित हरगवे के अनुसार, अलग-अलग राज्यों और कस्बों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय टीमों को अधिक अधिकार दिए जा रहे हैं। साथ ही क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग नए उत्पादों की टेस्टिंग और ग्राहकों की प्रतिक्रिया समझने के लिए किया जा रहा है।
सैलरी बढ़ोतरी के लिए लागू हुआ नया 50:50 मॉडल
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ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी Accenture ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और लागत प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए अपनी सैलरी बढ़ोतरी की प्रक्रिया में बदलाव किया है। कंपनी ने नया 50:50 Salary Hike Model लागू किया है, जिसके तहत किसी भी योग्य कर्मचारी को मिलने वाली वेतन वृद्धि का आधा हिस्सा उसकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि शेष आधी राशि एकमुश्त भुगतान (Lump Sum Payment) के रूप में दी जाएगी। कंपनी का मानना है कि इस मॉडल से कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक लाभ मिलेगा और अधिक संख्या में कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का फायदा दिया जा सकेगा।
ऐसे समझें नया वेतन बढ़ोतरी फॉर्मूला
कंपनी के एक आंतरिक दस्तावेज के अनुसार यह व्यवस्था जून 2026 के वेतन संशोधन चक्र के दौरान लागू की गई। इस प्रक्रिया में पहले कर्मचारी की कुल वेतन वृद्धि तय की जाती है और फिर उसे दो बराबर हिस्सों में विभाजित किया जाता है। उदाहरण के लिए यदि किसी कर्मचारी की सैलरी में कुल 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी मंजूर होती है, तो 1.5 प्रतिशत उसकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी 1.5 प्रतिशत एक बार के भुगतान के रूप में दिया जाएगा। इस तरह कर्मचारी को तत्काल अतिरिक्त नकद राशि भी मिलेगी और कंपनी के दीर्घकालिक वेतन खर्च पर भी नियंत्रण रहेगा।
प्रमोशन पाने वालों पर लागू नहीं होगा नया नियम
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह 50:50 मॉडल केवल सामान्य वेतन वृद्धि (Salary Revision) के लिए लागू होगा। जिन कर्मचारियों को प्रमोशन मिलेगा, उनकी पूरी वेतन वृद्धि पहले की तरह सीधे बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी। यानी पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों की सैलरी संरचना में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले वार्षिक बोनस का विकल्प नहीं होगा, बल्कि यह उससे अलग रहेगा।
बोनस और अन्य योजनाओं पर भी रहेगा असर
Accenture ने बताया कि बेसिक सैलरी में जोड़ी गई राशि और एकमुश्त भुगतान, दोनों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी की पात्र आय का हिस्सा माना जाएगा। इसी आधार पर बोनस की गणना भी की जाएगी। वहीं, जो कर्मचारी Voluntary Equity Investment Program (VEIP) या Employee Stock Purchase Plan (ESPP) में शामिल हैं, उनके एकमुश्त भुगतान पर निर्धारित नियमों के अनुसार कटौती भी लागू होगी।
कर्मचारियों और कंपनी दोनों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से कंपनी अपने वेतन बजट को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेगी, जबकि कर्मचारियों को तत्काल अतिरिक्त नकद राशि का लाभ मिलेगा। बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और लागत प्रबंधन के बीच कई बड़ी कंपनियां वेतन संरचना में बदलाव कर रही हैं। ऐसे में Accenture का नया 50:50 मॉडल आने वाले समय में आईटी उद्योग की अन्य कंपनियों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।









