Buddha Purnima बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र पर्व माना जाता है। इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। यह पर्व शांति, करुणा और सादगी का प्रतीक है। इस दिन लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और घरों में सात्विक भोजन व विशेष पकवान बनाते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा पर अधिकतर व्यंजन हल्के, शुद्ध शाकाहारी और सात्विक होते हैं। खीर, मीठे चावल, फलाहार और दाल-चावल आधारित भोजन विशेष रूप से बनाए जाते हैं।
1. चावल की खीर
सामग्री
- 1 लीटर दूध
- 1/2 कप बासमती चावल
- 1/2 कप चीनी
- 8-10 काजू और बादाम
- 4-5 इलायची
- थोड़े केसर के धागे
बनाने की विधि
- चावल धोकर 20 मिनट भिगो दें।
- दूध को उबालें और उसमें चावल डाल दें।
- धीमी आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं।
- चीनी, इलायची और ड्राई फ्रूट्स डालें।
- ऊपर से केसर डालकर सर्व करें।
खासियत

खीर को बुद्ध पूर्णिमा पर प्रसाद के रूप में बेहद शुभ माना जाता है।
2. मीठे केसरिया चावल
सामग्री
- 1 कप बासमती चावल
- 3/4 कप चीनी
- 2 चम्मच घी
- केसर
- किशमिश और काजू
विधि
- चावल को आधा उबाल लें।
- कड़ाही में घी गर्म कर ड्राई फ्रूट्स भूनें।
- चावल डालें और चीनी मिलाएं।
- केसर वाला दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
स्वाद टिप
इसे गर्मागर्म प्रसाद के रूप में परोसा जाता है।
3. साबूदाना खिचड़ी
- सामग्री
- 2 कप साबूदाना
- 2 उबले आलू
- मूंगफली
- हरी मिर्च
- सेंधा नमक
विधि
- साबूदाना 4-5 घंटे भिगो दें।
- कड़ाही में मूंगफली और जीरा भूनें।
- आलू और साबूदाना डालकर मिलाएं।
- सेंधा नमक डालकर 5 मिनट पकाएं।
खास बात

यह हल्का और ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है।
4. मोदक
- सामग्री
- 1 कप चावल का आटा
- 1 कप नारियल बुरादा
- 1/2 कप गुड़
- इलायची पाउडर
विधि
- गुड़ और नारियल को मिलाकर भरावन तैयार करें।
- चावल के आटे का नरम आटा बनाएं।
- छोटी लोई बनाकर उसमें भरावन भरें।
- स्टीम में 10-12 मिनट पकाएं।
धार्मिक महत्व
मोदक को पवित्र और शुभ मिठाई माना जाता है।
5. फल और पंचामृत
पंचामृत सामग्री
- दूध
- दही
- शहद
- घी
- चीनी
इन पांच चीजों को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है। इसे पूजा के बाद प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा पर भोजन से जुड़े विशेष नियम
- इस दिन सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है।
- लहसुन-प्याज और मांसाहार से परहेज किया जाता है।
- जरूरतमंदों को भोजन दान करने की परंपरा है।
- कई लोग उपवास रखकर फलाहार ग्रहण करते हैं।











