केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इनमें जाति, SC/ST दर्जा, धर्म, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और परिवार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
Census 2027 Questions: भारत में होने वाली आगामी जनगणना 2027 कई मायनों में महत्वपूर्ण होने जा रही है। पहली बार जनगणना के जनसंख्या गणना चरण में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए पूछे जाने वाले सवालों की सूची जारी कर दी है। कुल 40 सवालों के माध्यम से लोगों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, प्रवास और पारिवारिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की तैयारी के बीच सरकार ने व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारी के साथ पहचान तथा वित्तीय सेवाओं से संबंधित कुछ विवरण भी सूची में शामिल किए हैं। इनमें आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की संख्या और कोविड-19 टीकाकरण से जुड़े सवाल शामिल हैं।
पहली बार दर्ज होगी जाति की जानकारी
Census 2027 की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक जाति संबंधी जानकारी का संग्रह है। लोगों से पूछा जाएगा कि वे अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित हैं या नहीं। इसके साथ उनकी जाति का नाम भी दर्ज किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रश्नावली में जातियों की कोई तैयार सूची दिए जाने के बजाय व्यक्ति से उसकी जाति पूछी जाएगी और उसके द्वारा दिए गए उत्तर को दर्ज किया जाएगा।
जाति संबंधी जानकारी को जनगणना में शामिल करने का निर्णय पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने लिया था। इससे 2027 की जनगणना देश के सामाजिक आंकड़ों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
धर्म, भाषा और शिक्षा से जुड़े सवाल
जनगणना में लोगों की वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, धर्म, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा माता-पिता की जानकारी, दिव्यांगता, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। शिक्षा को लेकर यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं। साथ ही उसकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई की स्ट्रीम या विषय से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
रोजगार और आर्थिक गतिविधि की जानकारी

जनगणना में लोगों की रोजगार स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने पिछले वर्ष किसी समय काम किया था या नहीं। काम करने वालों की आर्थिक गतिविधि, पेशा, उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार और कामगार की श्रेणी जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। जो लोग आर्थिक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं, उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामगारों से यह पूछा जा सकता है कि वे काम के लिए उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही काम की जगह तक आने-जाने से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी।
जन्मस्थान और प्रवास का रिकॉर्ड
जनगणना 2027 में लोगों के प्रवास से जुड़े आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। इसमें जन्मस्थान, पिछली बार रहने का स्थान, वर्तमान गांव या कस्बे में आने का कारण और वहां रहने की अवधि जैसी जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा व्यक्ति का स्थायी आवासीय पता भी दर्ज किया जाएगा। इन आंकड़ों से देश में लोगों के आंतरिक प्रवास के पैटर्न को समझने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से बच्चों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इसमें जीवित बच्चों की संख्या, वर्तमान विवाह से हुए बच्चों की संख्या और पिछले एक साल में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या जैसे सवाल शामिल हैं। इस तरह की जानकारी देश में जनसंख्या वृद्धि, परिवार के आकार और जन्म दर से जुड़े आंकड़ों को समझने में उपयोगी हो सकती है।
कोविड वैक्सीन, बैंक खाते और पहचान दस्तावेज
जनगणना के सवालों में कुछ ऐसे विषय भी शामिल हैं जो आम लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था। इसके अलावा बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट से संबंधित जानकारी भी सूची में शामिल है। लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं।
हालांकि, इन जानकारियों के संग्रह और उपयोग को लेकर डेटा गोपनीयता तथा सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय होंगे। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी जुटाई जाएगी।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पहले शुरू होगी जनगणना
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का काम 1 से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। इन क्षेत्रों में घर-घर गणना से पहले 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या गणना बाद के चरण में होगी।
जनसंख्या गणना से पहले हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का चरण चल रहा है। इस दौरान जनगणना कर्मचारी घरों और इमारतों का विवरण जुटा रहे हैं। इस चरण में प्रत्येक घर से करीब 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर की बुनियादी सुविधाएं, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, मकान के स्वामित्व की स्थिति सहित अन्य आवासीय जानकारियां शामिल हैं।











