ChatGPT में Free और Go यूजर्स को दिख सकते हैं Ads, भारत में शुरू हुई तैयारी

OpenAI भारत में ChatGPT Ads का विस्तार कर रहा है। Free और Go यूजर्स को विज्ञापन दिख सकते हैं, जबकि Plus, Pro, Business और Enterprise प्लान Ads से अलग रहेंगे।

OpenAI भारत में ChatGPT पर Ads का विस्तार करने की तैयारी कर रहा है। कुछ भारतीय यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का ईमेल मिला है, जिसमें Free और Go प्लान पर विज्ञापनों से जुड़ी जानकारी दी गई है।

Tech: OpenAI ChatGPT के Free और Go प्लान में विज्ञापन दिखाने की व्यवस्था का विस्तार कर रहा है। भारत में कुछ यूजर्स को कंपनी की ओर से प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का ईमेल मिला है, जिसमें ChatGPT Ads के काम करने और उन्हें कंट्रोल करने से जुड़ी जानकारी दी गई है। कंपनी पहले से कुछ अन्य बाजारों में Ads की टेस्टिंग कर रही है।

भारत में ChatGPT Ads को लेकर यूजर्स को मिला अपडेट

OpenAI ChatGPT में विज्ञापन आधारित मॉडल का विस्तार कर रहा है। भारत में कुछ यूजर्स को कंपनी की ओर से प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का ईमेल मिला है। इसमें बताया गया है कि ChatGPT पर Ads कैसे दिखाई जा सकती हैं और यूजर्स अपने विज्ञापन अनुभव को किस तरह कंट्रोल कर सकते हैं।

OpenAI ने इससे पहले भी ChatGPT के Free और Go प्लान पर Ads की टेस्टिंग शुरू करने की जानकारी दी थी। कंपनी के अनुसार, विज्ञापनों को ChatGPT के सामान्य जवाबों से अलग रखा जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से Sponsored के तौर पर लेबल किया जाएगा।

Free और Go यूजर्स के लिए बदल सकता है अनुभव

विज्ञापन व्यवस्था का मुख्य फोकस Free और Go प्लान पर है। वहीं Plus, Pro, Business और Enterprise जैसे पेड प्लान्स को Ads से अलग रखा गया है। इसका उद्देश्य विज्ञापन के जरिए Free और कम कीमत वाले प्लान्स को सपोर्ट करना और ज्यादा लोगों तक ChatGPT की पहुंच बनाए रखना है।

भारत में अभी सभी यूजर्स के लिए Ads दिखाई देना शुरू नहीं हुआ है। कुछ भारतीय यूजर्स को मिले ईमेल से संकेत मिलता है कि कंपनी यहां भी अपनी विज्ञापन व्यवस्था का विस्तार कर रही है। इसलिए Free या Go प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को आने वाले समय में ChatGPT के इंटरफेस में बदलाव देखने को मिल सकता है।

ChatGPT के जवाबों पर Ads का असर नहीं होगा

OpenAI का कहना है कि विज्ञापन ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे। Ads और AI के जवाबों को अलग रखा जाएगा, ताकि किसी विज्ञापनदाता को ChatGPT के उत्तरों की रैंकिंग या कंटेंट पर प्रभाव डालने का अधिकार न मिले।

प्राइवेसी को लेकर OpenAI ने यह भी कहा है कि यूजर्स की बातचीत विज्ञापनदाताओं के साथ शेयर नहीं की जाती और कंपनी यूजर्स का डेटा विज्ञापनदाताओं को बेचती नहीं है।

भारत में Ads का रोलआउट किस स्तर तक और कितने यूजर्स के लिए होगा, यह OpenAI की आगे की rollout प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल मिले ईमेल को भारत में इस व्यवस्था के विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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