कांग्रेस चुनाव आयोग को लेकर अपनी राजनीतिक मुहिम को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी की कार्यसमिति (CWC) की मंगलवार, 29 सितंबर को होने वाली बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक मंगलवार, 29 सितंबर को होने जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की कांग्रेस की मांग और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर पार्टी के रुख पर भी मंथन किया जाएगा।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर आगे की रणनीति
CWC कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद, SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा हटाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी ने इन्हीं मुद्दों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाए जाने की मांग उठाई है।
वहीं, चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार या सुझाव सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके आदेश कानूनी प्रावधानों के तहत जारी किए जाते हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि सभी चुनाव आयुक्तों और अधिकारियों को चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव देने का अधिकार है।
SIR विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विवाद उस समय और बढ़ा जब चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इन मुद्दों में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए Form 6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा चुनावी डेटा से जुड़े प्रबंधन के सवाल शामिल हैं।
कांग्रेस इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। CWC बैठक में यह तय किया जा सकता है कि पार्टी इस मुद्दे को आगे किस स्तर पर उठाएगी और विपक्षी दलों के साथ समन्वय किस तरह किया जाएगा।

INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले अहम मंथन
CWC की बैठक के अगले दिन यानी 30 सितंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। इसमें भी चुनाव आयोग, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस की CWC बैठक को विपक्षी दलों के बीच आगे होने वाले समन्वय के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए यह बैठक केवल चुनाव आयोग से जुड़े विवाद तक सीमित नहीं रहने वाली है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, राज्यों में संगठन की स्थिति और संभावित राजनीतिक गठजोड़ पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। पार्टी नेतृत्व अलग-अलग राज्यों में चुनावी तैयारियों और सहयोगी दलों के साथ तालमेल को लेकर भी चर्चा कर सकता है।
हल्द्वानी की घटना और संगठन से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में
CWC की बैठक के दौरान उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने के मामले पर भी पार्टी चर्चा कर सकती है। कांग्रेस इस घटना को दलित सम्मान से जोड़कर देख रही है और इसे व्यापक सामाजिक मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है। 29 सितंबर को पार्टी के SC-ST नेताओं की अलग बैठक में भी इस विषय और दलित-आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।
इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के प्रदर्शन की समीक्षा भी पार्टी के संगठनात्मक विमर्श का हिस्सा हो सकती है। आगामी चुनावों को देखते हुए राज्यों में संगठन की सक्रियता और जमीनी स्तर पर पार्टी की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।












