चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तट पर मचाई तबाही, 263 मिमी बारिश, तेज हवाओं से पेड़ गिरे और उड़ानें रद्द

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। विशाखापत्तनम समेत कई जिलों में 263 मिमी बारिश दर्ज हुई। तेज हवाओं से उड़ानें रद्द और सड़कें जलमग्न हुईं।

चक्रवात अर्नब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी। विशाखापत्तनम, अनकापल्ली और विजयनगरम में 263 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं से पेड़ गिरे, सड़कें जलमग्न हुईं और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के समुद्री तट पर पहुंच गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया रात करीब 1:30 बजे नरसापुर के पास शुरू हुई थी। सुबह 6:30 बजे इसका केंद्र यानम के दक्षिण में आंध्र प्रदेश तट के ऊपर था। मौसम विभाग ने सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि तूफान का पिछला हिस्सा भी तट पार करने वाला है।

यानम के दक्षिण में पहुंचा तूफान का केंद्र

आईएमडी के विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र ने सुबह 7:30 बजे जारी अपडेट में तूफान की स्थिति की जानकारी दी। इसके मुताबिक, अर्नब का केंद्र तटीय क्षेत्र में पहुंच चुका था और उसके बादल का पिछला हिस्सा अगले एक घंटे में जमीन पर आने की संभावना थी।

इससे पहले सुबह 5:30 बजे मौसम विभाग ने बताया था कि चक्रवात लगभग एक ही जगह बना हुआ है। उसकी उत्तरी दिशा में फैली बादलों की पट्टी जमीन के भीतर प्रवेश कर चुकी थी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, चक्रवात के तट पार करने के दौरान समुद्र के आसपास तेज हवाएं और भारी बारिश जारी रह सकती हैं।

तीन जिलों में 263 मिमी तक बारिश

आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में मंगलवार से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। राज्य के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, 28 अक्टूबर सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में अनकापल्ली जिले के कासीमकोटा मंडल स्थित कन्नूरीपालेम में लगभग 263 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तट पर मचाई तबाही, 263 मिमी बारिश, तेज हवाओं से पेड़ गिरे और उड़ानें रद्द

विजयनगरम जिले के भोगापुरम में भी करीब 263 मिलीमीटर पानी बरसा। विशाखापत्तनम के 16वीं पुलिस बटालियन परिसर में लगभग 260 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। तीनों जिलों के 39 स्वचालित मौसम केंद्रों पर 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग इस स्तर की वर्षा को अत्यधिक भारी बारिश की श्रेणी में रखता है।

विशाखापत्तनम में सड़कें डूबीं, कई इलाकों में पानी भरा

विशाखापत्तनम शहर में भी लगातार बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सिम्हाचलम में लगभग 238 मिलीमीटर, मधुरवाड़ा में 207 मिलीमीटर और आरके बीच इलाके में 111 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। आईएमडी के वाल्टेयर मौसम केंद्र पर 217 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। काकीनाडा में 118 मिलीमीटर और मछलीपट्टनम में 115 मिलीमीटर बारिश हुई।

तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और बिजली की लाइनें प्रभावित हुईं। जलभराव के चलते कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। हालांकि, रायलसीमा और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश का असर काफी कम रहा।

विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में उड़ानें प्रभावित

चक्रवात के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में कम से कम 21 उड़ानें रद्द की गईं। मंगलवार को विजयवाड़ा हवाई अड्डे से हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और कडपा जाने वाली पांच उड़ानें रद्द हुई थीं। बुधवार के लिए भी विजयवाड़ा एयरपोर्ट की सभी उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया गया। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से ली रिपोर्ट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हालात की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार चक्रवात से राज्य में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने इसके लिए प्रशासन की पहले से की गई तैयारियों को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में बिजली, सड़क और दूसरी जरूरी सेवाएं जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने संपत्ति के नुकसान को कम करने और राहत कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।

ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों पर भी असर

चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। दक्षिणी ओडिशा में भी प्रशासन सतर्क है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। तमिलनाडु के उत्तरी चेन्नई और तिरुवल्लूर जिले में मंगलवार शाम समुद्र की ऊंची लहरें तटीय सड़कों तक पहुंच गई थीं। एन्नोर एक्सप्रेसवे पर भी लहरों का असर देखा गया।

मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और समुद्र के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। मछुआरों को भी खराब समुद्री परिस्थितियों में नाव लेकर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। चक्रवात से जुड़े अगले मौसम बुलेटिन, यात्रा सेवाओं और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा जानकारी देखी जा सकती है।

Leave a comment