देहरादून: CM धामी ने ट्रस्ट की 20 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगाई रोक, MDDA को दिए जांच के आदेश

देहरादून में CM पुष्कर सिंह धामी ने ट्रस्ट की 20 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाते हुए MDDA को पूरी जांच के आदेश दिए। जानें वजह और आगे की कार्रवाई।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में आईएमए के निकट स्थित एक ट्रस्ट की लगभग 20 एकड़ भूमि के मामले में सख्त कदम उठाते हुए इसकी खरीद–फरोख्त पर तुरंत रोक लगा दी है।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में आईएमए के पास स्थित एक ट्रस्ट की लगभग 20 एकड़ भूमि की खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) को पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने एहतियातन इस भूमि को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

यह कार्रवाई उस समय की गई जब सामने आया कि यह ट्रस्ट की भूमि विशेष समुदाय को बेचने की कोशिश में था। मुख्यमंत्री धामी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि देवभूमि की संस्कृति और कानून के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का बयान

सीएम धामी ने कहा, "उत्तराखंड की देवभूमि की पहचान और यहां के भू-कानूनों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हमने पहले भी भू-माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और आगे भी ऐसा ही किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य भूमि, संस्कृति और कानून की रक्षा करना है और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या समूह को नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने MDDA को निर्देश दिया है कि वह पूरा प्रकरण खंगाले और यह सुनिश्चित करे कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन नहीं हो रहा है। MDDA को हर पहलू की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। साथ ही सरकार ने इस भूमि को अस्थायी तौर पर अपने सुरक्षा कवच में रखा, ताकि कोई भी अनधिकृत लेन-देन या कब्जा न हो सके।

देहरादून: CM धामी ने ट्रस्ट की 20 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगाई रोक, MDDA को दिए जांच के आदेश

अवैध कब्जों और भू-माफियाओं पर कार्रवाई

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड के भू-कानूनों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे में सभी के लिए समान न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।"

यह कदम राज्य सरकार की भूमि संरक्षण नीति के अनुरूप उठाया गया है, जिसमें देवभूमि की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखा जाता है। मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही थी। सीएम ने कहा, "अब वही सच्चाई जनता के सामने आ रही है। हमारी सरकार राज्य के हितों और कानून के दायरे में रहकर ही फैसले ले रही है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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