देहरादून में मेडिकल छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने लखनऊ की एक युवती और उसके सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि ब्लैकमेल, मानसिक प्रताड़ना और पैसों की मांग से परेशान होकर उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया।
देहरादून: देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में मेडिकल छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने लखनऊ की एक युवती समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। छात्र की मां का आरोप है कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और लगातार दबाव बनाया गया, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
सेलाकुई थाना पुलिस ने मृतक छात्र की मां की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया है कि 26 वर्षीय रवींद्र कुमार देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS) के अंतिम वर्ष के छात्र थे और पढ़ाई के दौरान सेलाकुई क्षेत्र में रह रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के कारण छात्र ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
प्रेमजाल, ब्लैकमेल और पैसों की मांग का आरोप
मृतक की मां ने अपनी शिकायत में लखनऊ निवासी एक युवती और उसके सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार युवती ने पहले छात्र से दोस्ती की और विवाह का आश्वासन देकर उसके साथ करीबी संबंध बनाए। इसके बाद कथित तौर पर निजी बातचीत, फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन रिकॉर्डिंग और चैट का हवाला देकर छात्र से लगातार धनराशि की मांग की जाती थी। परिवार का आरोप है कि मानसिक तनाव और लगातार मिल रही धमकियों के कारण छात्र अवसाद में चला गया और अंततः उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस जुटा रही डिजिटल साक्ष्य
पुलिस के अनुसार मामले में दर्ज आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कई पहलुओं से की जा रही है। मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और बैंक लेनदेन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी, ताकि आरोपों की सत्यता सामने आ सके।
जांच अधिकारी संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सभी पहलुओं की होगी निष्पक्ष जांच
सेलाकुई थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और फोरेंसिक तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में सभी पक्षों को निष्पक्ष रूप से सुना जाएगा और जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल आरोपों की पुष्टि के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।










