अगर रोज़ की सब्जियों से ऊब गए हैं, तो बघेलखंडी स्टाइल बेसन के गट्टे की सब्जी बेहतरीन विकल्प है। कम सामग्री में बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी स्वाद, पोषण और गाढ़ी ग्रेवी के कारण रोटी, पराठे और चावल के साथ बेहद लाजवाब लगती है।
Baghelkhand Besan Gatte Ki Sabzi Recipe: अगर आप रोज-रोज आलू, भिंडी, लौकी या दूसरी सामान्य सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं और परिवार के लिए कुछ नया, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो बघेलखंडी स्टाइल की बेसन के गट्टे की सब्जी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। मध्य भारत के विंध्य और बघेलखंड क्षेत्र में वर्षों से बनाई जाने वाली यह पारंपरिक रेसिपी आज भी अपने अनोखे स्वाद और आसान विधि के कारण लोगों की पसंद बनी हुई है।
इस खास डिश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाने के लिए हरी सब्जियों की जरूरत नहीं होती। कम सामग्री और कम खर्च में तैयार होने वाली यह रेसिपी स्वाद के साथ-साथ भरपूर पोषण भी देती है। यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में जब मौसम के अनुसार सब्जियां उपलब्ध नहीं होती थीं, तब घरों में बेसन के गट्टे की सब्जी बनाकर पूरे परिवार का भोजन तैयार किया जाता था।
बघेलखंड की पारंपरिक रसोई की खास पहचान
बघेलखंड की रसोई अपने देसी स्वाद, सादगी और पोषण के लिए जानी जाती है। यहां बनने वाले व्यंजनों में स्थानीय मसालों और पारंपरिक तकनीकों का विशेष महत्व होता है। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, पहले गांवों में हरी सब्जियां हर मौसम में आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं। ऐसे समय में बेसन, मसाले और दही जैसी सामान्य सामग्री से गट्टे की सब्जी बनाई जाती थी। यह व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है। आज यह पारंपरिक रेसिपी न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि शहरों के किचन में भी अपनी जगह बना रही है।
बेसन के गट्टे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस रेसिपी को बनाने के लिए लगभग दो कप बेसन, आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच अजवाइन, स्वादानुसार नमक, एक चम्मच तेल और थोड़ा-सा दही या पानी लेकर नरम आटा तैयार किया जाता है। ग्रेवी के लिए दही, प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन का पेस्ट, जीरा, धनिया पाउडर, गरम मसाला, हल्दी, लाल मिर्च और हरा धनिया इस्तेमाल किया जाता है। इन सामान्य सामग्रियों से बेहद स्वादिष्ट और गाढ़ी ग्रेवी तैयार की जाती है।
नरम और स्वादिष्ट गट्टे बनाने का सही तरीका
स्वादिष्ट गट्टों का राज उनके सही आटे में छिपा होता है। बेसन में मसाले, तेल और थोड़ा-सा दही मिलाकर मुलायम आटा गूंथना चाहिए। आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही बहुत ढीला। इसके बाद आटे की लंबी-लंबी रोल जैसी स्टिक तैयार करें। एक बर्तन में पानी उबालें और इन रोल्स को उसमें डालकर लगभग 10 से 12 मिनट तक पकाएं। जब गट्टे पूरी तरह पक जाएं तो उन्हें बाहर निकालकर हल्का ठंडा होने दें और मनचाहे आकार में काट लें।
उबले हुए पानी को बिल्कुल न फेंकें
बघेलखंडी स्टाइल की इस रेसिपी की सबसे खास बात यह है कि गट्टों को उबालने के बाद बचा हुआ पानी फेंका नहीं जाता। इसी पानी का उपयोग बाद में ग्रेवी बनाने में किया जाता है। इससे ग्रेवी में बेसन का स्वाद अच्छी तरह घुल जाता है और सब्जी अधिक गाढ़ी, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनती है। यही पारंपरिक तरीका इस रेसिपी को दूसरे गट्टे की सब्जी से अलग पहचान देता है।

ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट ग्रेवी
एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें। इसके बाद बारीक कटा प्याज सुनहरा होने तक भूनें। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह पकाएं। इसके बाद टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और अन्य मसाले डालकर तब तक पकाएं जब तक मसाले तेल न छोड़ दें। अब इसमें फेंटा हुआ दही धीरे-धीरे मिलाएं और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं। इसके बाद गट्टे उबालने वाला पानी डालकर ग्रेवी को कुछ मिनट तक उबालें। अंत में कटे हुए गट्टे डालें और 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि सभी मसालों का स्वाद गट्टों में अच्छी तरह समा जाए। ऊपर से गरम मसाला और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
किन चीजों के साथ परोसें?
बघेलखंडी बेसन गट्टे की सब्जी का स्वाद गर्मागर्म गेहूं की रोटी, तंदूरी रोटी, पराठे, बाजरे की रोटी या सादे चावल के साथ सबसे अच्छा लगता है। अगर इसे जीरा राइस या बाजरे की रोटी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। त्योहारों, पारिवारिक भोजन या वीकेंड स्पेशल लंच में भी यह एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है।
क्यों पसंद आती है बच्चों से लेकर बड़ों तक?
इस सब्जी का स्वाद हल्का मसालेदार और गाढ़ा होता है, जिससे यह बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आती है। गट्टे मुलायम होने के कारण इन्हें खाना आसान होता है और इनमें मौजूद बेसन प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। जो लोग रोज़ाना एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, उनके लिए यह रेसिपी स्वाद में नया बदलाव लेकर आती है।
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि गट्टे बिल्कुल मुलायम बनें, तो आटा गूंथते समय उसमें थोड़ा-सा तेल और दही जरूर मिलाएं। गट्टों को अधिक देर तक न उबालें, वरना वे सख्त हो सकते हैं। ग्रेवी में उबले हुए गट्टों का पानी इस्तेमाल करने से स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा अंत में थोड़ा कसूरी मेथी या देसी घी का तड़का लगाने से भी सब्जी का फ्लेवर और अधिक लाजवाब हो जाता है।
पोषण से भरपूर है यह पारंपरिक रेसिपी
बेसन में प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और संतुलित भोजन का हिस्सा बन सकता है। यदि कम तेल और ताजा मसालों के साथ यह सब्जी बनाई जाए, तो यह स्वाद और पोषण दोनों का अच्छा संतुलन प्रदान करती है।













