रोज एक जैसी दाल और सब्जी खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार पालक की कढ़ी बनाकर देखिए। दही, बेसन और ताजे पालक से तैयार होने वाली यह कढ़ी स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
Palak Kadi Recipe: भारतीय घरों में कढ़ी-चावल बड़े चाव से खाया जाता है। खट्टी दही, बेसन और मसालों से बनी कढ़ी का स्वाद तो हर किसी को पसंद आता है, लेकिन कभी-कभी इसे थोड़ा अलग तरीके से बनाने का मन करता है। ऐसे में पालक की कढ़ी अच्छा विकल्प है। इसमें पालक की हल्की मिठास, दही का खट्टापन और देसी मसालों का तड़का मिलकर बढ़िया स्वाद देते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद सामग्री से ही स्वादिष्ट पालक की कढ़ी तैयार की जा सकती है।
पालक की कढ़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
चार लोगों के लिए पालक की कढ़ी बनाने में ये चीजें लगेंगी।
ताजा पालक – 2 कप बारीक कटा हुआ
- दही – 1 कप
- बेसन – 3 बड़े चम्मच
- पानी – 2 कप
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- राई – आधा छोटा चम्मच
- मेथी दाना – एक चौथाई छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 2
- हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई
- अदरक का पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
- तेल या घी – 2 बड़े चम्मच
- नमक – स्वाद के अनुसार
- हरा धनिया – थोड़ा सा
सबसे पहले पालक और दही का मिश्रण तैयार करें
पालक की कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले ताजे पालक की पत्तियां चुन लें। खराब या पीली पत्तियों को अलग कर दें। पालक में मिट्टी लगी हो सकती है, इसलिए इसे दो से तीन बार साफ पानी से धोएं। पानी निकल जाने के बाद पत्तियों को बारीक काट लें।
अब एक बड़े बर्तन में दही डालकर अच्छी तरह फेंट लें। इसमें तीन बड़े चम्मच बेसन मिलाएं। ध्यान रखें कि बेसन की गांठें न बनें। इसके बाद दो कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डालकर पतला घोल तैयार कर लें। दही और बेसन को पहले अच्छी तरह मिलाने से कढ़ी पकाते समय उसमें गांठें नहीं पड़तीं।
मसालों का तड़का लगाकर पकाएं पालक
अब गैस पर कड़ाही रखें और उसमें तेल या घी गर्म करें। तेल गर्म होने पर जीरा, राई और मेथी दाना डालें।
जब मसाले चटकने लगें तो सूखी लाल मिर्च, कटी हुई हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट डाल दें। इन्हें हल्का भूनें ताकि मसालों की खुशबू आने लगे।
इसके बाद कटा हुआ पालक डालें और मध्यम आंच पर तीन से चार मिनट पकाएं। इस दौरान पालक नरम हो जाएगा और उसका कच्चापन भी कम होने लगेगा।
ध्यान रखें कि पालक को बहुत देर तक भूनने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसे आगे कढ़ी के साथ भी पकाना है।
अब डालें दही और बेसन का तैयार घोल
पालक नरम होने पर कड़ाही में दही और बेसन वाला घोल धीरे-धीरे डालें। इस दौरान मिश्रण को लगातार चलाते रहें।
शुरुआत में आंच मध्यम रखें। कढ़ी में पहला उबाल आने तक इसे बीच में चलाना बंद न करें। ऐसा करने से दही के फटने और बेसन के तले में चिपकने की आशंका कम रहती है।
उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें। कढ़ी को लगभग 20 से 25 मिनट तक पकने दें।
बीच-बीच में चलाते रहें। कुछ देर बाद कढ़ी हल्की गाढ़ी होने लगेगी और पालक का स्वाद भी इसमें अच्छी तरह मिल जाएगा।
अगर कढ़ी ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा गर्म पानी मिला सकते हैं।
आखिरी तड़के से बढ़ जाएगा कढ़ी का स्वाद
कढ़ी तैयार होने पर उसमें लाल मिर्च पाउडर डालकर मिला दें। ज्यादा स्वाद के लिए अलग से घी का तड़का भी लगाया जा सकता है।
एक छोटे पैन में एक चम्मच घी गर्म करें। इसमें थोड़ा जीरा डालें और गैस धीमी करके लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। तैयार तड़के को तुरंत कढ़ी के ऊपर डाल दें।
इससे कढ़ी में अच्छी खुशबू आएगी और स्वाद भी बढ़ जाएगा। आखिर में बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
पालक की कढ़ी खाने से क्या फायदे मिलते हैं?
पालक में आयरन, फोलेट, विटामिन ए और विटामिन के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं, बेसन से प्रोटीन और फाइबर मिलता है। दही में कैल्शियम और प्रोटीन मौजूद होता है।
इन तीनों चीजों को मिलाकर बनाई गई कढ़ी सामान्य भोजन में पोषण की विविधता बढ़ा सकती है। हालांकि, पकाने से कुछ विटामिन की मात्रा कम हो सकती है और पोषण इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करता है।
कम तेल में तैयार करने पर यह घर के संतुलित भोजन का अच्छा हिस्सा बन सकती है।
पालक की कढ़ी किसके साथ परोसें?
तैयार कढ़ी को गर्मागर्म सादे चावल या जीरा राइस के साथ परोसें। चाहें तो गेहूं की रोटी, बाजरे की रोटी या पराठे के साथ भी खा सकते हैं।
कढ़ी के साथ थोड़ा अचार, सलाद या भुना पापड़ रखने से भोजन का स्वाद और बढ़ जाता है।











