गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे कुछ लोगों में ब्लड क्लॉट बनने का जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञ पर्याप्त तरल पदार्थ, नियमित शारीरिक गतिविधि और शुरुआती लक्षणों पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह देते हैं।
Health Tips: देश के कई हिस्सों में मानसून की शुरुआत के बावजूद अब भी तेज गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। ऐसे मौसम में शरीर से पसीने के रूप में बड़ी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। यदि इस कमी को समय पर पूरा नहीं किया जाए, तो डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डिहाइड्रेशन केवल थकान या कमजोरी का कारण नहीं बनता, बल्कि कुछ परिस्थितियों में यह शरीर में ब्लड क्लॉट बनने के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। हालांकि यह जोखिम हर व्यक्ति में समान नहीं होता और कई अन्य स्वास्थ्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
डिहाइड्रेशन और ब्लड क्लॉटिंग का क्या संबंध है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो रक्त में मौजूद तरल भाग (प्लाज्मा) कम हो सकता है। इससे रक्त अपेक्षाकृत गाढ़ा हो सकता है और उसका प्रवाह धीमा पड़ सकता है।
यदि किसी व्यक्ति में पहले से ही ब्लड क्लॉट बनने के अन्य जोखिम मौजूद हैं, तो डिहाइड्रेशन इस जोखिम को और बढ़ा सकता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना, कम शारीरिक गतिविधि और गर्म वातावरण में लगातार काम करना भी इस खतरे को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल डिहाइड्रेशन ही ब्लड क्लॉट का एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि यह कई जोखिम कारकों में से एक हो सकता है।
ब्लड क्लॉट बनने पर कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
ब्लड क्लॉट शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बन सकता है, इसलिए इसके लक्षण भी स्थान के अनुसार बदल सकते हैं।
यदि पैरों की गहरी नसों (डीप वेन) में क्लॉट बनता है, तो निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं—
- एक पैर में अचानक दर्द या भारीपन
- पिंडली (काफ मसल) में सूजन
- प्रभावित हिस्से का गर्म महसूस होना
- त्वचा का लाल या नीला पड़ना
- चलने में दर्द या असहजता
यदि क्लॉट फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे में सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, तेज धड़कन या अचानक चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।
किन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है?
कुछ लोगों में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक हो सकता है। इनमें शामिल हैं—
- जो लोग घंटों तक लगातार बैठे रहते हैं।
- लंबे समय तक यात्रा करने वाले लोग।
- बुजुर्ग।
- अत्यधिक गर्म वातावरण में काम करने वाले श्रमिक।
- मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति।
- गर्भवती महिलाएं और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाएं।
- हाल में सर्जरी करवाने वाले मरीज।
- धूम्रपान करने वाले लोग।
- जिन लोगों को पहले ब्लड क्लॉट की समस्या हो चुकी हो।
ऐसे लोगों को विशेष रूप से पर्याप्त पानी पीने और नियमित रूप से शरीर को सक्रिय रखने की सलाह दी जाती है।

गर्मी में डिहाइड्रेशन से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान आदतें अपनाकर डिहाइड्रेशन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
1. पर्याप्त पानी पिएं
प्यास लगने का इंतजार न करें। पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। यदि आप बाहर काम करते हैं या अधिक पसीना आता है, तो तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं।
2. पानी वाले फल और सब्जियां खाएं
तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा, नारियल पानी और मौसमी फलों का सेवन शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करता है।
3. लंबे समय तक एक जगह न बैठें
यदि आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने का है, तो हर 45–60 मिनट में कुछ मिनट टहलें या पैरों की हल्की एक्सरसाइज करें।
4. हल्के और सूती कपड़े पहनें
कॉटन के कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और पसीना आसानी से सोख लेते हैं।
5. धूम्रपान और शराब से बचें
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है और कई अन्य स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ाता है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें—
- पैर में अचानक तेज दर्द और सूजन
- सांस लेने में कठिनाई
- सीने में दर्द
- लगातार चक्कर आना
- बेहोशी जैसा महसूस होना
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है।
क्या केवल पानी पीना ही पर्याप्त है?
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि आपको पहले से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या ब्लड क्लॉट की कोई समस्या है, तो गर्मी के मौसम में डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेते रहें और स्वयं उपचार करने से बचें।













