दिल्ली एयरपोर्ट पर ₹5.56 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से लौटे दो भारतीय गिरफ्तार

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने बैंकॉक से आए दो भारतीय यात्रियों से ₹5.56 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए दो भारतीय यात्रियों से ₹5.56 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया। दोनों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत जांच शुरू कर दी गई है।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹5.56 करोड़ मूल्य का हाइड्रोपोनिक वीड (उन्नत किस्म का गांजा) जब्त किया है। यह कार्रवाई बैंकॉक से लौटे दो भारतीय यात्रियों की जांच के दौरान की गई, जिन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, यह बरामदगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जो विशेष रूप से हाई-प्राइस कैनाबिस की सप्लाई चेन से जुड़ा हो सकता है।

एक्स-रे स्कैन में खुला राज, लगेज से मिला नशे का जखीरा

कस्टम विभाग ने बताया कि दोनों यात्रियों के सामान को सामान्य जांच के दौरान एक्स-रे मशीन से गुजारा गया था। इसी दौरान उनके बैग में संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं, जिसके बाद गहन तलाशी ली गई।

तलाशी में कुल 15.93 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसे बेहद सावधानी से पैक किया गया था ताकि सुरक्षा जांच से बचाया जा सके। जांच में सामने आया कि ड्रग्स को नौ अलग-अलग पॉलीथीन पैकेट्स में छिपाया गया था। इनमें से सात पैकेट एक काले रंग के ट्रॉली बैग में और दो पैकेट भूरे रंग के बैकपैक में रखे गए थे। यह पैकिंग तरीका इस बात का संकेत देता है कि तस्कर इसे स्मगलिंग के लिए व्यवस्थित तरीके से छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

बैंकॉक से भारत लाए जा रहे थे हाई-इम्पैक्ट ड्रग्स

प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों यात्री बैंकॉक से दिल्ली पहुंचे थे। बैंकॉक और कुछ दक्षिण-पूर्व एशियाई देश हाइड्रोपोनिक वीड के उत्पादन और सप्लाई के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।

कस्टम अधिकारियों का मानना है कि यह खेप भारत में हाई-एंड मार्केट के लिए लाई जा रही थी, जहां इस प्रकार के नशीले पदार्थों की कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है। दोनों यात्रियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है और क्या यह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा है।

क्या होता है हाइड्रोपोनिक वीड?

हाइड्रोपोनिक वीड गांजे की एक उन्नत और अत्यधिक प्रभावशाली किस्म होती है, जिसे मिट्टी के बजाय पानी और पोषक तत्वों के नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इस तकनीक में पौधों को विशेष लाइटिंग और न्यूट्रिएंट सॉल्यूशन के जरिए विकसित किया जाता है।

इस प्रक्रिया के कारण इसमें THC (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल) की मात्रा सामान्य गांजे की तुलना में काफी अधिक होती है, जिससे इसका नशा अधिक तीव्र और प्रभावशाली होता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत भी बहुत अधिक होती है और यह कई देशों में प्रतिबंधित श्रेणी में आता है।

कस्टम विभाग की सतर्कता से नाकाम हुई तस्करी

कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नियमित जांच और सतर्क निगरानी का परिणाम है। एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों की लगातार स्कैनिंग और प्रोफाइलिंग की जाती है, जिसके कारण इस तरह की खेप को पकड़ना संभव हो पाया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों यात्रियों के व्यवहार और यात्रा पैटर्न में कुछ असामान्य संकेत मिले थे, जिसके बाद उन्हें रोका गया और विस्तृत जांच की गई।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

दोनों गिरफ्तार यात्रियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह खेप किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है और भारत में इसके वितरण के लिए किन-किन लोगों से संपर्क किया जाना था।

भारत में ड्रग तस्करी पर सख्ती बढ़ी

पिछले कुछ वर्षों में भारत में एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर ड्रग तस्करी के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाली उड़ानों में हाइड्रोपोनिक वीड और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। सरकारी एजेंसियां अब AI आधारित स्कैनिंग सिस्टम और उन्नत इंटेलिजेंस नेटवर्क के जरिए ऐसे मामलों पर नजर रख रही हैं।

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