केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया। 1,635 करोड़ रुपये की यह परियोजना मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ती है और पूर्वी-दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है।
नई दिल्ली: नई दिल्ली में यातायात और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में लंबे समय से प्रतीक्षित बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को इस परियोजना का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहे।
करीब 1,635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। नया कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है और आगे एम्स तथा दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाली कनेक्टिविटी को बेहतर करता है।
अमित शाह ने किया बारापुल्ला फेज-3 का उद्घाटन
बारापुल्ला फेज-3 परियोजना का उद्घाटन मंगलवार को एक कार्यक्रम में किया गया। अमित शाह के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह परियोजना दिल्ली के सड़क ढांचे को मजबूत करने वाली उन प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
परियोजना का उद्घाटन ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली में सड़क और परिवहन ढांचे के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। बारापुल्ला फेज-3 के साथ कई अन्य सड़क परियोजनाओं को भी शुरू या आगे बढ़ाया गया है।
1,635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ कॉरिडोर
बारापुल्ला फेज-3 को करीब 1,635 करोड़ रुपये की संशोधित लागत से तैयार किया गया है। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई कारणों से परियोजना में लगातार देरी हुई।
देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ी। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती स्वीकृत लागत करीब 1,260 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित लागत बढ़कर लगभग 1,635 करोड़ रुपये हो गई।
परियोजना को पूरा करने में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और पेड़ों से संबंधित मंजूरियों, यमुना क्षेत्र में निर्माण तथा कोविड-19 महामारी सहित कई अड़चनों का सामना करना पड़ा।
मयूर विहार से सराय काले खां तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी
बारापुल्ला फेज-3 का प्रमुख उद्देश्य मयूर विहार फेज-1 और सराय काले खां के बीच सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध कराना है। यह कॉरिडोर मौजूदा बारापुल्ला फ्लाईओवर से जुड़ेगा, जिससे पूरे मार्ग की लंबाई करीब 9 किलोमीटर तक हो जाएगी।
इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और अधिक सीधा मार्ग मिलेगा। कॉरिडोर के जरिए एम्स और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाली कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकारी अनुमान के अनुसार, पूर्वी दिल्ली और नोएडा से एम्स तक यात्रा का समय मौजूदा करीब 35-40 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट तक हो सकता है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय यातायात और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
NH-24, DND और रिंग रोड पर दबाव कम करने की कोशिश
बारापुल्ला फेज-3 का उद्देश्य केवल दो क्षेत्रों को जोड़ना नहीं है, बल्कि दिल्ली के कई प्रमुख यातायात मार्गों पर दबाव कम करना भी है।
परियोजना से NH-24, DND फ्लाईवे और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। मयूर विहार और नोएडा से आने वाले वाहनों को दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की ओर जाने के लिए एक अतिरिक्त सिग्नल-फ्री विकल्प मिलेगा।

सराय काले खां पहले से ही दिल्ली के महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में शामिल है। बारापुल्ला कॉरिडोर से इसका जुड़ाव पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत करेगा।
परियोजना में विशेष पुल और लूप शामिल
बारापुल्ला फेज-3 में यमुना के बाढ़ क्षेत्र के ऊपर एक विशेष पुल संरचना भी बनाई गई है। दोनों तरफ के रैंप को मौजूदा सड़क नेटवर्क से जोड़ा गया है।
कॉरिडोर में वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग दिशाओं में सुगम बनाने के लिए कई लूप बनाए गए हैं। इससे मुख्य मार्ग से अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिलेगी।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, नए फ्लाईओवर में साइकिल चालकों के लिए समर्पित ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए भी सुविधाएं शामिल हैं। यह परियोजना केवल मोटर वाहनों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि गैर-मोटर परिवहन को भी ध्यान में रखती है।
रेखा गुप्ता ने बताया 'डबल इंजन सरकार' का परिणाम
उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय को परियोजनाओं की प्रगति से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करने से राजधानी की लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में यातायात जाम की समस्या को कम करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम करने की बात भी कही।
रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग के लिए दिल्लीवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।
पूर्वी दिल्ली और NCR के यात्रियों को मिलेगा फायदा
बारापुल्ला फेज-3 का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से दक्षिण दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की उम्मीद है।
मयूर विहार, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहन सराय काले खां के जरिए दक्षिण दिल्ली और एम्स की ओर अधिक सीधे मार्ग से पहुंच सकेंगे। इससे मौजूदा मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।
सराय काले खां में मौजूदा बारापुल्ला कॉरिडोर से जुड़ने के बाद नया हिस्सा राजधानी के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच एक लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड मार्ग तैयार करता है।
एक दशक से ज्यादा समय बाद पूरा हुआ प्रोजेक्ट
बारापुल्ला फेज-3 परियोजना को मंजूरी मिलने के करीब 11 साल बाद यह हिस्सा जनता के लिए खोला गया है। निर्माण 2015 में शुरू हुआ था और शुरुआती लक्ष्य 2017 में पूरा करने का था।
लगातार देरी के कारण परियोजना की लागत बढ़ती गई और इसकी समयसीमा कई बार आगे बढ़ी। आखिरकार 29 सितंबर 2026 को इसका उद्घाटन किया गया।
इस परियोजना के शुरू होने के साथ दिल्ली में पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच सड़क कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा हो गया है। आने वाले समय में इसके यातायात पर वास्तविक प्रभाव का आकलन इसके नियमित संचालन के बाद किया जा सकेगा।











