डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में देश-विदेश से 2,700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 342 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनके माध्यम से ₹1.21 लाख करोड़ के संभावित निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। सरकार ने इसे राज्य के औद्योगिक विकास की बड़ी उपलब्धि बताया।
अगरतला: त्रिपुरा ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देश और विदेश से 2,700 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान 342 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनके माध्यम से ₹1,21,303 करोड़ के संभावित निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव किरण गिट्टे ने सम्मेलन के समापन पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह त्रिपुरा के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश संपर्क अभियान साबित हुआ है।
कई महीनों की तैयारी के बाद मिला बड़ा परिणाम
किरण गिट्टे ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां करीब छह से सात महीने पहले शुरू कर दी गई थीं। राज्य सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, गुवाहाटी और अन्य प्रमुख शहरों में रोड शो आयोजित किए। इन अभियानों में फिक्की और विभिन्न औद्योगिक संगठनों का सहयोग लिया गया। व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण सम्मेलन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे प्रतिनिधि
सम्मेलन में कुल 2,731 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमें सरकारी अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में निवेशक और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा दुबई, कनाडा और अन्य देशों से भी प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में पहुंचे। इसके साथ ही 11 देशों के राजनयिकों और जापान के व्यापारिक संगठन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
थीम आधारित मॉडल ने निवेशकों को किया आकर्षित
इस बार सम्मेलन में पारंपरिक विभागीय स्टॉलों की जगह विषय आधारित पवेलियन तैयार किए गए। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, केंद्रीय एजेंसियों और सार्वजनिक उपक्रमों को एक ही क्षेत्र से जुड़े मंच पर प्रस्तुत किया गया, जिससे निवेशकों को उद्योग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आईटी जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं को समझने में आसानी हुई। यह मॉडल देश के बड़े निवेश सम्मेलनों से प्रेरित था।
पहली बार मंत्रियों ने निवेशकों से की सीधी बातचीत
सम्मेलन की एक विशेष पहल बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें रहीं। इन बैठकों में निवेशकों ने सीधे संबंधित विभागों के मंत्रियों से चर्चा की। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े निवेश संबंधी निर्णयों में राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने विदेशी प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर भविष्य में बड़े निवेश प्रतिनिधिमंडलों को त्रिपुरा आने का निमंत्रण दिया।
हेल्थकेयर क्षेत्र में मिले बड़े निवेश प्रस्ताव
स्वास्थ्य क्षेत्र सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव सामने आए, जिनमें सबरूम में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, उत्तर त्रिपुरा में कैंसर अस्पताल और दो निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजनाएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
आईटी और डिजिटल क्षेत्र पर विशेष फोकस
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण समझौते हुए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर विकास, आईटी पार्क और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव सामने आए। सरकार का मानना है कि डिजिटल क्षेत्र में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और त्रिपुरा तकनीकी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
उद्योग और व्यापार में निवेश की नई संभावनाएं
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के माध्यम से कई बहु-क्षेत्रीय समझौते किए गए। इनमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई। सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों से विनिर्माण, व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय उद्यमियों को भी कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
व्यापार सुधारों का दिखने लगा असर
किरण गिट्टे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापार सुधारों और निवेश अनुकूल नीतियों का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित परियोजनाएं समय पर धरातल पर उतरें और उनका लाभ राज्य के लोगों तक पहुंचे।
रोजगार और आर्थिक विकास की नई उम्मीद
राज्य सरकार का मानना है कि यदि सम्मेलन के दौरान हुए निवेश प्रस्ताव वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं, तो इससे हजारों नए रोजगार सृजित होंगे। औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में भी व्यापक अवसर पैदा होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अंतिम आंकड़े होंगे सत्यापन के बाद जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन में घोषित निवेश प्रस्ताव फिलहाल प्रारंभिक हैं। सभी एमओयू का फिक्की और संबंधित विभागों के साथ सत्यापन किया जाएगा। यदि किसी प्रस्ताव में तकनीकी त्रुटि या दोहराव पाया जाता है, तो उसे अंतिम सूची से अलग किया जाएगा। सत्यापन के बाद अंतिम आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाएंगे।









