मिजोरम में ड्रग्स, वन्यजीव तस्करी और अवैध सामान पर बड़ा प्रहार, कई अभियानों में करोड़ों की बरामदगी

मिजोरम पुलिस ने कई अभियानों में हेरोइन, मेथामफेटामाइन, संदिग्ध वन्यजीव अंग और म्यांमार से तस्करी कर लाई गई सुपारी जब्त की। कई आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।

मिजोरम पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन, मेथामफेटामाइन, संदिग्ध वन्यजीव उत्पाद और अवैध रूप से तस्करी की गई सुपारी बरामद की है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और विभिन्न एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।

आइजोल: पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती राज्य मिजोरम में पुलिस ने 5 जुलाई से 8 जुलाई के बीच चलाए गए कई विशेष अभियानों में मादक पदार्थों, संदिग्ध वन्यजीव अंगों और अवैध रूप से तस्करी कर लाए गए सामान की बड़ी खेप बरामद की है। इन कार्रवाइयों में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जब्त किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। मिजोरम पुलिस के अनुसार, अधिकांश मामलों में सीमा पार से तस्करी की आशंका है और विभिन्न एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।

सैतुअल में ट्रक से 102 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद

8 जुलाई को सैतुअल पुलिस की विशेष टीम ने नियमित जांच के दौरान कुआलमावी चेक गेट पर एक ट्रक को रोका। पुलिस के अनुसार, ट्रक चालक फुलचंद अली मंडल (35), जो असम के धुबरी जिले का निवासी है, जांच के दौरान भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। वाहन की तलाशी में नौ साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखी गई 102 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई। इसकी अनुमानित अवैध बाजार कीमत लगभग 20.40 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

चाम्फाई में वन्यजीव तस्करी का बड़ा मामला

7 जुलाई की रात चाम्फाई पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बोलेरो मैक्स वाहन को रोका, जो चाम्फाई की ओर जा रहा था। वाहन से लगभग 210 किलोग्राम वजन वाले नौ बैग बरामद हुए, जिनमें प्रारंभिक जांच के अनुसार मांटा रे (Manta Ray) या मोबुला गिल प्लेट्स होने की आशंका है। इनकी अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2.30 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस का कहना है कि यह मिजोरम में इस प्रकार की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक हो सकती है।

वन विभाग को सौंपी गई जांच

चूंकि बरामद सामग्री संरक्षित समुद्री जीवों से संबंधित हो सकती है, इसलिए वाहन, सामान और दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए चाम्फाई वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी को सौंप दिया गया। वन विभाग वैज्ञानिक परीक्षण के बाद यह तय करेगा कि बरामद सामग्री किन प्रजातियों से संबंधित है और आगे किस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अलग-अलग मामलों में हेरोइन भी बरामद

7 जुलाई को पुलिस ने जोकहावथर से आइजोल जा रही एक टाटा सूमो की तलाशी के दौरान पीछे की सीट के नीचे रखे एक बर्तन से 26 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। पुलिस के अनुसार, यह खेप म्यांमार निवासी लालरिनछाना (20) से जुड़ी बताई जा रही है। एक अन्य कार्रवाई में 6 जुलाई को जोकहावथर पुलिस ने एक मैक्सी कैब से 48 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। यह नशीला पदार्थ एक यात्री के बैग में छिपाकर रखा गया था, जिसकी पहचान म्यांमार के फालाम जिले के निवासी थुआनमाविया (42) के रूप में हुई।

मेथामफेटामाइन की बड़ी खेप जब्त

6 जुलाई को आइजोल जिला विशेष शाखा और 34 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने आइजोल के लावीपू क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 1.955 किलोग्राम संदिग्ध मेथामफेटामाइन बरामद की। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.60 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में मार्कस लालवेनपुइया (19) को गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

म्यांमार से तस्करी कर लाई गई सुपारी जब्त

5 जुलाई को चाम्फाई खांकाउन पुलिस चेक गेट पर नियमित जांच के दौरान एक टैंक लॉरी को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से 2,960 किलोग्राम सूखी सुपारी बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 10.36 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन और सुपारी को आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम्स प्रिवेंटिव फोर्स को सौंप दिया गया।

म्यांमार सीमा पर तस्करी बड़ी चुनौती

मिजोरम की अंतरराष्ट्रीय सीमा म्यांमार से जुड़ी हुई है। इसी कारण यह क्षेत्र लंबे समय से मादक पदार्थों, वन्यजीव उत्पादों और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रही हैं ताकि संगठित तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

कई एजेंसियां मिलकर कर रही हैं जांच

इन मामलों की जांच में मिजोरम पुलिस के अलावा वन विभाग, असम राइफल्स और कस्टम्स विभाग भी शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सीमा पार सक्रिय बड़े तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

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