धनबाद में 5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर बैंककर्मी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। जिले की 200 से अधिक बैंक शाखाओं में ऑफलाइन सेवाएं बंद रहीं, जिससे करोड़ों का कारोबार और बैंकिंग लेन-देन प्रभावित हुआ।
धनबाद: पांच-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर यूएफबीयू के आह्वान पर बैंककर्मी शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। धनबाद की 200 से अधिक बैंक शाखाओं में ऑफलाइन कामकाज पूरी तरह बंद रहा। बैंक कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग, इंटरनेट सेवाएं और एटीएम सेवाएं चालू रहीं।
5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर बैंककर्मियों का प्रदर्शन
बातचीत विफल होने के बाद यूएफबीयू के आह्वान पर धनबाद के बैंककर्मियों ने शुक्रवार से हड़ताल शुरू की। हीरापुर, बैंक मोड़, पुलिस लाइन, सरायढेला और मटकुरिया समेत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बैंक कर्मचारी एकजुट हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
![]()
हीरापुर स्थित इंडियन बैंक के अधिकारी विवेक कुमार ने कहा कि पांच-डे बैंकिंग बैंककर्मियों की मुख्य और जायज मांग है। उनके मुताबिक करीब दो साल पहले सरकार के साथ इस मुद्दे पर समझौता हुआ था और इसे लागू किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है।
200 से ज्यादा बैंक शाखाओं में ऑफलाइन कामकाज बंद
विवेक कुमार ने कहा कि मांग को लेकर जब भी बैंककर्मी संपर्क करते हैं, उन्हें सिर्फ यह बताया जाता है कि मामला अभी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इंतजार के बाद बैंककर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का फैसला किया है और पांच-डे बैंकिंग लागू होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
एक दिवसीय हड़ताल के कारण धनबाद जिले में 200 से अधिक बैंक शाखाओं में ताले बंद रहे। इससे करोड़ों रुपये का बैंकिंग कारोबार और लेन-देन प्रभावित हुआ। शाखाओं में ऑफलाइन सेवाएं बंद होने के कारण ग्राहकों को बैंक से जुड़े कई जरूरी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीएलआई में विसंगतियों का भी मुद्दा
इंडियन बैंक के संगठन सचिव राजीव कुमार रंजन ने कहा कि एलआईसी में पांच-डे बैंकिंग लागू हो चुकी है, लेकिन बैंकों में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने पीएलआई यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव के वितरण में भी भारी मतभेद और विसंगतियों का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार इन विसंगतियों को दूर करना जरूरी है।
राजीव कुमार रंजन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले तीन दिनों की हड़ताल की जाएगी और इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो बैंककर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं जारी
हड़ताल के दौरान ग्राहकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रखी गईं। हालांकि, शाखा स्तर पर होने वाला पूरा ऑफलाइन कामकाज बंद रहा। धनबाद में इंडियन बैंक की 22 शाखाओं समेत विभिन्न बैंकों की शाखाएं बंद रहने से बैंकिंग परिचालन पर व्यापक असर पड़ा।










