धनबाद में स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा के ही दो गुटों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश के लिए आयोजित कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। घटना में भाजपा के जिला मंत्री के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मामले के बाद दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत पहुंचने से पार्टी के अंदरूनी विवाद ने नया रूप ले लिया है।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस से पहले लोगों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था। भाजपा की ओर से हर साल स्वतंत्रता दिवस के आसपास अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा यात्राएं निकाली जाती हैं। धनबाद में भी पार्टी कार्यकर्ता और नेता तिरंगा लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इससे पहले भी धनबाद में भाजपा युवा मोर्चा की तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है, जिसमें कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए थे।
लेकिन इस बार यात्रा के दौरान पार्टी के भीतर का विवाद सार्वजनिक हो गया। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान भाजपा के दो गुट किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान जिला मंत्री के घायल होने की बात सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। हालांकि विवाद पूरी तरह शांत होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।
घायल भाजपा जिला मंत्री को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। चोट की स्थिति और घटना के दौरान उनके साथ क्या हुआ, इसे लेकर पुलिस शिकायत और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
मामले के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने भी घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा सकती है।
घटना के बाद भाजपा के भीतर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। तिरंगा यात्रा जैसे सार्वजनिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ने से संगठन की छवि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जहां लोगों को एकजुट करने और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश देना था, वहीं आपसी विवाद ने पूरे आयोजन को विवादों में ला दिया।
पार्टी के लिए अब चुनौती यह है कि मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जाए और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़े तनाव को नियंत्रित किया जाए। राजनीतिक दलों के सार्वजनिक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन बनाए रखना संगठन की जिम्मेदारी होती है। खासकर स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में इस तरह का विवाद पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करता है।
धनबाद में भाजपा संगठन पहले भी तिरंगा यात्रा के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देता रहा है। पिछले वर्ष भाजपा युवा मोर्चा की यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिला कार्यकर्ता और पार्टी नेता शामिल हुए थे। उस दौरान यात्रा को गैर-राजनीतिक भावनाओं से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया गया था।
ऐसे में इस बार यात्रा के दौरान पार्टी के ही दो गुटों के बीच विवाद सामने आना कार्यकर्ताओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और संगठन के भीतर मतभेद की बातें अब इस घटना के बाद फिर उठ सकती हैं। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही सामने आएगा।
थाने में मामला पहुंचने के बाद अब पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की जांच कर सकती है। घटना से जुड़े वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। यदि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने विवाद का वीडियो बनाया है तो उससे घटना की पूरी कड़ी समझने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
भाजपा के सामने एक और चुनौती यह है कि मामले को संगठनात्मक स्तर पर कैसे संभाला जाए। यदि विवाद केवल स्थानीय स्तर के मतभेद से जुड़ा है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं यदि मारपीट को लेकर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है तो मामला संगठन के लिए और गंभीर हो सकता है।
तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के लिए भी यह घटना निराशाजनक रही। राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकली यात्रा में लोगों से देश की एकता, अखंडता और जिम्मेदारी का संदेश देने की उम्मीद थी। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान ही पार्टी कार्यकर्ताओं का आपस में भिड़ना पूरे आयोजन के मूल संदेश के विपरीत नजर आया।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मारपीट की घटना में कितने लोग शामिल थे और विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई। घायल जिला मंत्री की ओर से लगाए गए आरोप और दूसरे पक्ष का पक्ष भी मामले की दिशा तय करेगा।
कुल मिलाकर, धनबाद में तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा के दो गुटों के बीच हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। घटना में जिला मंत्री के घायल होने की जानकारी है। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था, वही आपसी विवाद के कारण चर्चा में आ गया। अब पुलिस जांच के साथ-साथ भाजपा संगठन की ओर से भी मामले को शांत कराने की कोशिश किए जाने की संभावना है।










