कोटा में मार्बल कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर 50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में किशोरपुरा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सचिन भाटी से 75 हजार रुपये बरामद किए हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कोटा: राजस्थान के कोटा में मार्बल कारोबार में साझेदारी दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में किशोरपुरा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को कोटा एयरपोर्ट पर साझेदारी में मार्बल का कारोबार शुरू करने का भरोसा दिलाकर रकम हासिल की थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलवंत सिंह उर्फ बलसा और सचिन भाटी के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, सचिन भाटी के कब्जे से ठगी की रकम में से 75 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। मामले में कथित गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगना की तलाश जारी है।
WhatsApp कॉल से शुरू हुआ संपर्क
कोटा पुलिस के मुताबिक, शक्ति नगर निवासी गोवर्धन खंडेलवाल ने 17 अगस्त 2026 को किशोरपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनके मोबाइल फोन पर WhatsApp कॉल आया था।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पहचान अशोक पाटनी और आरके मार्बल्स से जुड़े व्यक्ति के रूप में बताई। इसके बाद पीड़ित को कोटा एयरपोर्ट पर मार्बल का कारोबार साझेदारी में करने का प्रस्ताव दिया गया।
पुलिस के अनुसार, कारोबार में साझेदारी और उससे होने वाले संभावित लाभ का भरोसा देकर शिकायतकर्ता से 50 लाख रुपये लिए गए। बाद में जब कथित तौर पर रकम वापस नहीं मिली और कारोबारी साझेदारी से संबंधित आश्वासन पूरा नहीं हुआ, तो पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर किशोरपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने साइबर सेल और DST की मदद ली
मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर टीम बनाई गई। एएसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के सुपरविजन और डीएसपी मनीष शर्मा के निर्देशन में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
टीम का नेतृत्व किशोरपुरा थाना प्रभारी चेतन शर्मा ने किया। जांच में स्थानीय पुलिस के साथ साइबर सेल और DST को भी शामिल किया गया।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी सहायता और आसूचना के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। इसके बाद बलवंत सिंह उर्फ बलसा और सचिन भाटी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी की रकम किस-किस व्यक्ति तक पहुंची और इस मामले में कितने लोग शामिल हैं।
सचिन से 75 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सचिन भाटी से कथित ठगी की रकम में से 75 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। वह फिलहाल पुलिस रिमांड पर है।
वहीं, दूसरे आरोपी बलवंत सिंह उर्फ बलसा को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के लिए अब जांच का अगला चरण कथित ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। इसमें रकम के लेनदेन, अन्य आरोपियों की भूमिका और पीड़ित से संपर्क करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
जालौर, सिरोही, बाड़मेर और सूरत में तलाश
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कथित सरगना और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जांच टीम संभावित आरोपियों को पकड़ने के लिए जालौर, सिरोही, बाड़मेर और सूरत में तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कथित गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य लोगों को भी कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर रकम ली गई थी।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
कोटा पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ लूट और हत्या जैसे गंभीर मामलों से संबंधित प्रकरण पूर्व में दर्ज रहे हैं।
इन पुराने मामलों और मौजूदा ठगी के मामले के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
हालांकि, मौजूदा मामले में आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों को कथित 50 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है।
कारोबारी साझेदारी के नाम पर ठगी का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस मामले में कथित तौर पर कारोबारी साझेदारी को भरोसे के आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया। पीड़ित को कोटा एयरपोर्ट से जुड़े मार्बल कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव दिया गया और इसी आधार पर 50 लाख रुपये लिए गए।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने आरके मार्बल्स या किसी अन्य कारोबारी संस्था से अपने संबंध होने का दावा किस आधार पर किया था।
पुलिस शिकायत में सामने आए नामों और दावों की भी जांच कर रही है। किसी व्यक्ति या कारोबारी संस्था की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकेगी।
रकम के इस्तेमाल की भी जांच
50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस के सामने एक अहम सवाल यह भी है कि शिकायतकर्ता से हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
जांच एजेंसियां बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल भुगतान, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। इससे कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने और रकम के प्रवाह का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
सचिन भाटी से 75 हजार रुपये की बरामदगी के बाद पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बाकी रकम कहां गई और उसे किन माध्यमों से दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया।
अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाने की कोशिश
पुलिस कथित गिरोह के काम करने के तरीके की भी जांच कर रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी कारोबार में निवेश या साझेदारी का झांसा दिया था, तो उन मामलों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
जालौर, सिरोही, बाड़मेर और सूरत में आरोपियों की तलाश इसी व्यापक जांच का हिस्सा है। पुलिस को उम्मीद है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कथित नेटवर्क और ठगी की पूरी प्रक्रिया के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश
कोटा के किशोरपुरा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। सचिन भाटी से 75 हजार रुपये बरामद किए गए हैं, जबकि बलवंत सिंह को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब कथित सरगना और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 50 लाख रुपये की कथित ठगी में कितने लोग शामिल थे, रकम का पूरा नेटवर्क क्या था और आरोपियों ने पीड़ित को कारोबारी साझेदारी का प्रस्ताव किस तरीके से दिया था।










