पानीपत नगर निगम ने 9 कॉलोनियों को वैध करने के लिए संशोधित प्रस्ताव निदेशालय को भेजे हैं। इससे 50 हजार से अधिक परिवारों को सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
पानीपत: नगर निगम ने शहर की 9 कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए संशोधित प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिए हैं। तकनीकी और दस्तावेजी कमियां दूर करने के बाद प्रस्ताव दोबारा भेजे गए हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले 50 हजार से अधिक परिवारों को सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का लाभ मिलने की उम्मीद है।
पानीपत की 9 कॉलोनियों को वैध करने के लिए भेजे संशोधित प्रस्ताव
नगर निगम पानीपत ने शहर की 9 कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में संशोधित प्रस्ताव निदेशालय को भेजे हैं। निदेशालय की ओर से पहले प्रस्तावों में बताई गई तकनीकी और दस्तावेजी कमियों को दूर करने के बाद इन्हें दोबारा भेजा गया है।
नगर निगम आयुक्त डा. पंकज राव के अनुसार, अब प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। इन कॉलोनियों में 50 हजार से अधिक परिवार रहते हैं, जिन्हें नियमितीकरण के बाद सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का लाभ मिल सकता है।
इन 9 कॉलोनियों के प्रस्ताव भेजे गए
नगर निगम ने विकास नगर-1, गुर्जर कॉलोनी, साई कॉलोनी एक्सटेंशन, गोपाल कॉलोनी, विर्क नगर, गाबा कॉलोनी, एकता विहार कॉलोनी उझा रोड, ज्योति नगर और विराट नगर फेज-3 को नियमित करने के लिए संशोधित प्रस्ताव भेजे हैं।
विकास नगर-1 का क्षेत्रफल 38.40 एकड़, गुर्जर कॉलोनी का 3.13 एकड़, साई कॉलोनी एक्सटेंशन का 1.30 एकड़, गोपाल कॉलोनी का 9.01 एकड़ और विर्क नगर का 14.02 एकड़ है। गाबा कॉलोनी 11.58 एकड़, एकता विहार कॉलोनी उझा रोड 1.73 एकड़, ज्योति नगर 2.37 एकड़ और विराट नगर फेज-3 21.09 एकड़ में है।
पहले किन कमियों को दूर किया गया
पहले भेजे गए प्रस्तावों की जांच के दौरान निदेशालय ने कॉलोनियों की सीमाओं के अक्षांश-देशांतर, अप्रोच रोड, खसरा नंबर, सड़क नेटवर्क, खाली जमीन और सैटेलाइट इमेजरी से संबंधित जानकारी में कमियां बताई थीं।
नगर निगम की टाउन प्लानिंग शाखा ने इन बिंदुओं पर आवश्यक सुधार किए हैं। गुर्जर कॉलोनी और साई कॉलोनी एक्सटेंशन समेत अन्य प्रस्तावों में भी जरूरी तकनीकी संशोधन किए गए हैं।
चार साल में 21 कॉलोनियों के प्रस्ताव भेजे
नगर निगम पिछले चार साल में 21 कॉलोनियों को वैध करने के प्रस्ताव भेज चुका है। इनमें से 2 कॉलोनियों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 10 कॉलोनियां निर्धारित मानदंड पूरे नहीं कर सकीं। इनमें से 9 कॉलोनियों के प्रस्ताव सुधार के लिए वापस किए गए थे, जिन्हें अब संशोधित करके दोबारा भेजा गया है।
इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला सरकार और निदेशालय स्तर पर लिया जाएगा।
35 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भी कार्रवाई
नगर निगम ने नियमितीकरण की प्रक्रिया के साथ शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। निगम ने ऐसी 35 कॉलोनियों से जुड़े कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं।
निगम का उद्देश्य पात्र कॉलोनियों के निवासियों को राहत देने के साथ नई अवैध और अनियोजित कॉलोनियों के विस्तार पर रोक लगाना है।
वैध होने पर मिल सकते हैं ये बड़े लाभ
कॉलोनियों के नियमित होने के बाद सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सुविधा हो सकती है। सरकारी योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं के लिए बजट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
इसके अलावा संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और रिकॉर्ड से जुड़े विवादों में कमी आने की संभावना है। पानी, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में भी आसानी हो सकती है। नियोजित विकास के साथ भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।










