दिसंबर से फरवरी तक कई ट्रेनें रहेंगी रद, धनबाद होकर चलने वाली गाड़ियां भी प्रभावित

कोहरे के कारण दिसंबर से फरवरी तक धनबाद होकर चलने वाली कई ट्रेनें रद रहेंगी। चंबल एक्सप्रेस मथुरा की जगह आगरा कैंट तक चलेगी, देखें पूरी सूची।
दिसंबर से फरवरी तक कई ट्रेनें रहेंगी रद, धनबाद होकर चलने वाली गाड़ियां भी प्रभावित
Photo Credit / Attribution: Google

सर्दियों में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखते हुए कई लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद किया गया है। इनमें धनबाद रेल मंडल से होकर गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें भी शामिल हैं। यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव हावड़ा-मथुरा चंबल एक्सप्रेस को लेकर है, जो इस अवधि में मथुरा तक नहीं जाएगी और आगरा कैंट तक ही संचालित होगी।

रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सांतरागाछी-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस, टाटा-अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस और झांसी-कोलकाता एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद रहेंगी, जबकि चंबल एक्सप्रेस का गंतव्य सीमित कर दिया गया है। ऐसे में दिसंबर से फरवरी के बीच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक कराने से पहले ट्रेन की निर्धारित तिथि और परिचालन स्थिति की जांच करनी होगी।

रेलवे ने कोहरे के मौसम के लिए जो कार्यक्रम जारी किया है, उसके अनुसार ट्रेन संख्या 22857 सांतरागाछी-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस 7 दिसंबर 2026 से 22 फरवरी 2027 तक रद रहेगी। इसकी वापसी सेवा ट्रेन संख्या 22858 आनंद विहार-सांतरागाछी साप्ताहिक एक्सप्रेस 8 दिसंबर 2026 से 23 फरवरी 2027 तक नहीं चलेगी। दोनों ट्रेनें धनबाद रेल क्षेत्र से जुड़े यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके रद रहने का असर इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है।

इसी तरह ट्रेन संख्या 18103 टाटा-अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2026 से 24 फरवरी 2027 के बीच रद रहेगी। वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 18104 अमृतसर-टाटा जालियांवाला बाग एक्सप्रेस 4 दिसंबर 2026 से 26 फरवरी 2027 तक रद रहेगी। यह ट्रेन झारखंड और उत्तर भारत के बीच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्रेन संख्या 22198 झांसी-कोलकाता एक्सप्रेस को भी कोहरे के कारण निर्धारित अवधि में रद रखने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन 4 दिसंबर 2026 से 26 फरवरी 2027 तक रद रहेगी। इसके विपरीत दिशा की ट्रेन संख्या 22197 कोलकाता-झांसी एक्सप्रेस 6 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक रद रहेगी। इन दोनों ट्रेनों के यात्रियों को भी इस अवधि में वैकल्पिक रेल सेवा के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव हावड़ा-मथुरा चंबल एक्सप्रेस में किया गया है। ट्रेन संख्या 12177 हावड़ा-मथुरा चंबल एक्सप्रेस 4 दिसंबर 2026 से 26 फरवरी 2027 तक मथुरा तक नहीं जाएगी। इस अवधि में इसका परिचालन हावड़ा से आगरा कैंट तक ही किया जाएगा और वहीं से यह वापस हावड़ा लौटेगी। यानी जिन यात्रियों ने मथुरा तक जाने के लिए चंबल एक्सप्रेस में यात्रा की योजना बनाई है, उन्हें आगरा कैंट के बाद अपने आगे के सफर के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी।

वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 12178 मथुरा-हावड़ा चंबल एक्सप्रेस भी इस अवधि में मथुरा से नहीं चलेगी। 7 दिसंबर 2026 से 22 फरवरी 2027 तक यह ट्रेन आगरा कैंट से हावड़ा के लिए संचालित होगी। रेलवे के इस बदलाव का सीधा असर धनबाद होकर यात्रा करने वाले उन यात्रियों पर पड़ेगा जो चंबल एक्सप्रेस से मथुरा जाने या मथुरा से वापस आने की योजना बना रहे हैं।

रेलवे की ओर से इस तरह के बदलाव का प्रमुख कारण सर्दियों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में पड़ने वाला घना कोहरा है। कोहरे के दौरान रेल पटरियों के सामने दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे में लोको पायलटों के लिए सिग्नल और ट्रैक की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रेलवे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे मौसम में कुछ ट्रेनों के फेरे कम करने, कुछ को रद करने और कुछ ट्रेनों के गंतव्य को सीमित करने की व्यवस्था अपनाता है।

इस बार भी रेलवे ने दिसंबर से फरवरी तक का विंटर शेड्यूल तैयार करते हुए पहले से ही रद की जाने वाली ट्रेनों की तिथियां तय कर दी हैं। इसका एक फायदा यह है कि यात्रियों को यात्रा से काफी पहले जानकारी मिल सकती है और वे टिकट बुक करने से पहले ट्रेन के परिचालन की स्थिति देख सकते हैं। चक्रधरपुर रेल मंडल से जुड़ी समान घोषणा में भी रेलवे ने रद तिथियों को रिजर्वेशन सिस्टम में पहले से अपडेट करने की जानकारी दी है, ताकि यात्री अंतिम समय में परेशानी से बच सकें।

धनबाद रेल मंडल के यात्रियों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि धनबाद, गोमो और आसपास के स्टेशनों से बड़ी संख्या में यात्री उत्तर भारत, दिल्ली, आगरा, मथुरा, पंजाब और राजस्थान की ओर सफर करते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में बदलाव होने पर यात्रियों को दूसरी ट्रेन, दूसरे स्टेशन या यात्रा की तारीख में परिवर्तन करना पड़ सकता है।

चंबल एक्सप्रेस के मामले में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। यदि किसी यात्री का टिकट मथुरा तक का है और यात्रा की तारीख उस अवधि में आती है जब ट्रेन आगरा कैंट तक ही सीमित है, तो टिकट की स्थिति और आगे की यात्रा की व्यवस्था पहले से जांचना जरूरी होगा। आगरा कैंट और मथुरा के बीच आगे की यात्रा के लिए उपलब्ध ट्रेनों और अन्य विकल्पों की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

रेलवे के अनुसार सर्दियों में कोहरे के कारण केवल ट्रेन रद होने की स्थिति ही नहीं बनती, बल्कि परिचालन में देरी की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए जिन ट्रेनों को रद नहीं किया गया है, उनके यात्रियों को भी यात्रा के दिन ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस जांचने की सलाह दी जाती है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन या बस की बुकिंग करते समय पर्याप्त समय का अंतर रखना उपयोगी हो सकता है।

सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के फेरे कम होने की भी संभावना जताई गई है। हालांकि वर्तमान रिपोर्ट में इसके फेरे कम करने की बात संभावित व्यवस्था के रूप में कही गई है और इसकी अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसलिए इस ट्रेन के यात्रियों को अंतिम शेड्यूल रेलवे की आधिकारिक सूचना या आरक्षण प्रणाली में देखकर ही यात्रा तय करनी चाहिए।

रेलवे हर वर्ष सर्दियों में कोहरे के प्रभाव वाले रूटों पर परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए इस तरह के बदलाव करता है। पिछले वर्षों में भी धनबाद और पूर्वी भारत से होकर गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों के फेरे कम किए गए या कुछ अवधि के लिए गंतव्य सीमित किए गए थे। इस व्यवस्था का उद्देश्य ट्रेनों की गति और परिचालन को मौसम की स्थिति के अनुरूप रखना है।

इस बार जारी सूची में धनबाद होकर चलने वाली चंबल एक्सप्रेस का नाम विशेष रूप से सामने आया है। ट्रेन के मथुरा के बजाय आगरा कैंट तक सीमित होने से यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ेगा। वहीं अन्य ट्रेनों के पूरी तरह रद रहने के कारण उनके नियमित यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन तलाशनी होगी।

दिसंबर से फरवरी के बीच शादी-विवाह, धार्मिक यात्रा, नौकरी, पढ़ाई और अन्य काम से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ती है। ऐसे में अचानक ट्रेन रद होने या गंतव्य बदलने से परेशानी से बचने के लिए यात्रियों को पहले से ट्रेन नंबर और तारीख मिलाकर देखना जरूरी होगा। रेलवे की आरक्षण प्रणाली में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही टिकट बुक करना और यात्रा से पहले दोबारा परिचालन स्थिति जांचना उपयोगी रहेगा।

इस तरह दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक धनबाद और आसपास के यात्रियों को कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव का सामना करना पड़ेगा। सांतरागाछी-आनंद विहार एक्सप्रेस, टाटा-अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस और झांसी-कोलकाता एक्सप्रेस की सेवाएं अलग-अलग अवधि में रद रहेंगी, जबकि चंबल एक्सप्रेस का परिचालन मथुरा के बजाय आगरा कैंट तक सीमित रहेगा। कोहरे को देखते हुए यात्रियों के लिए यात्रा से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति जांचना सबसे जरूरी होगा

Leave a comment