दिल्ली में नजफगढ़ ड्रेन की सफाई की नई पहल: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उभयचर एक्स्कवेटर मशीनों को दिखाई हरी झंडी

दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए नई पहल शुरू की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उभयचर एक्स्कवेटर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। जानिए

Rekha Gupta ने Badoosaray Bridge पर अत्याधुनिक उभयचर (एम्फीबियस) एक्स्कवेटर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन की सफाई कार्य की शुरुआत की।

नई दिल्ली: दिल्ली में नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन की सफाई के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बदूसराय ब्रिज पर अत्याधुनिक उभयचर (एम्फीबियस) एक्स्कवेटर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य ड्रेनों से सिल्ट, कचरा और जलकुंभी को निकालकर जल निकासी क्षमता बढ़ाना है।

नई मशीनों के परिचालन से नजफगढ़ ड्रेन की सफाई प्रक्रिया तेज होगी और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यमुना नदी की सफाई और शहर के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।

नजफगढ़ ड्रेन की सफाई में उभयचर मशीनों की भूमिका

नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है और यह शहर के ड्रेनेज सिस्टम की लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट और गाद को वहन करता है। अनुमान है कि वर्षों में ड्रेन में 10 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा हो चुकी है। नई तैनात चार उभयचर मशीनों के अलावा एक मशीन पहले ही कार्यरत थी। शेष मशीनें जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी। इन मशीनों की मदद से ड्रेन के बीच तक पहुंचकर सीधे जमा सिल्ट और गाद को निकाला जा सकेगा, जिससे सफाई प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी।

उभयचर मशीन की विशेषताएं

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (I&FC) विभाग द्वारा तैनात इन मशीनों में दो प्रमुख प्रकार शामिल हैं – शॉर्ट-बूम और लॉन्ग-बूम उभयचर मशीनें।

  • शॉर्ट-बूम मशीन
    • लागत: लगभग 1.27 करोड़ रुपये
    • बूम की लंबाई: 6 मीटर
    • बकेट क्षमता: 0.20 घन मीटर
    • इंजन: 65 एचपी
    • वेस्ट बिन क्षमता: 2.25 घन मीटर

यह मशीन 5 मीटर चौड़े संकरे ड्रेनों में भी प्रभावी रूप से काम कर सकती है।

  • लॉन्ग-बूम मशीन
    • लागत: लगभग 3.15 करोड़ रुपये
    • बूम की लंबाई: 15 मीटर
    • बकेट क्षमता: 0.50 घन मीटर
    • इंजन: 135 एचपी
    • गहराई क्षमता: लगभग 9 मीटर

यह मशीन सूखी, दलदली और जलभराव वाले क्षेत्रों में भी कार्य करने में सक्षम है।

सफाई से मिलने वाले लाभ

  • सिल्ट और जलकुंभी हटाने से ड्रेनों की जल वहन क्षमता में सुधार होगा।
  • मानसून के दौरान जलभराव और फ्लड जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा।
  • नजफगढ़ ड्रेन की नियमित सफाई से शहर के बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरणीय सुधार को बल मिलेगा।
  • यमुना नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का एक महत्वपूर्ण ड्रेन है, जो कई आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरता है। आधुनिक उभयचर मशीनों की तैनाती से न केवल सफाई प्रक्रिया तेज होगी बल्कि कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इस पहल के तहत मशीनों को बदूसराय ब्रिज, ककरोला, द्वारका और उत्तम नगर जैसे प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। विभाग ने मशीनों की क्षमता और तकनीकी विशेषताओं का पूरा लाभ उठाते हुए सफाई कार्य को सुचारू बनाने का लक्ष्य रखा है।

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