एस्टोनिया ने यूक्रेन को सैन्य वाहन देने वाली कंपनी में आगजनी के लिए रूस को ठहराया जिम्मेदार

एस्टोनिया ने Milrem Robotics में आगजनी के लिए रूसी सुरक्षा सेवाओं को जिम्मेदार ठहराया है । रूस ने आरोपों को निराधार बताया, तीन संदिग्ध हिरासत में हैं।

एस्टोनिया ने Milrem Robotics की तालिन स्थित इमारत में 15 अगस्त को हुई आगजनी को रूसी सुरक्षा सेवाओं के आदेश पर की गई तोड़फोड़ बताया है। रूस ने आरोप खारिज किए हैं। मामले में तीन लातवियाई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

तालिन: एस्टोनिया ने आरोप लगाया है कि राजधानी तालिन में रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Milrem Robotics की इमारत में 15 अगस्त को हुई आगजनी रूसी सुरक्षा सेवाओं के आदेश पर की गई तोड़फोड़ थी। रूस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

तालिन में Milrem Robotics की इमारत में लगी थी आग

एस्टोनियाई अधिकारियों के अनुसार, 15 अगस्त की रात राजधानी तालिन के Lasnamäe इलाके में रक्षा क्षेत्र की कंपनी Milrem Robotics से इस्तेमाल की जा रही एक इमारत में आग लग गई थी। आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया था। घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं थी।

Milrem Robotics सैन्य और सुरक्षा क्षेत्र के लिए रोबोटिक तथा स्वायत्त प्रणालियां विकसित करती है। कंपनी द्वारा बनाए गए THeMIS मानवरहित ग्राउंड व्हीकल्स (UGVs) यूक्रेन को भी उपलब्ध कराए गए हैं। यही वजह है कि आगजनी की घटना को लेकर जांच में संभावित तोड़फोड़ और विदेशी हस्तक्षेप के पहलू पर भी ध्यान दिया गया।

तीन संदिग्धों को लातविया में पकड़ा गया

घटना के बाद जांच में तेजी आई। लातविया की State Security Service (VDD) ने बताया कि 16 अगस्त को इस मामले में आपराधिक जांच शुरू की गई थी। जांच के आधार पर 17 अगस्त को दो लातवियाई नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीसरे संदिग्ध को 18 अगस्त को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान कई डेटा स्टोरेज उपकरण और ऐसी वस्तुएं भी जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल आग लगाने में किया गया हो सकता है।

एस्टोनियाई सरकार के अनुसार, तीनों संदिग्धों को सितंबर में लातविया से एस्टोनिया को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मामले की आपराधिक जांच जारी है और संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है।

एस्टोनिया ने रूसी सुरक्षा सेवाओं पर लगाया आरोप

29 सितंबर को एस्टोनियाई सरकार ने कहा कि देश की Internal Security Service (ISS/KAPO) द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के विस्तृत आकलन के आधार पर वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि Milrem Robotics की इमारत में आगजनी रूसी संघ की विशेष सेवाओं के आदेश पर की गई तोड़फोड़ थी। प्रधानमंत्री Kristen Michal ने कहा कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर इस निष्कर्ष को लेकर एस्टोनिया को पूरा भरोसा है।

एस्टोनियाई अधिकारियों ने इसे यूरोप में रूस से जुड़ी व्यापक तोड़फोड़ गतिविधियों के संदर्भ में देखा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य यूरोपीय देशों को डराना और यूक्रेन के लिए उनके समर्थन तथा रूस पर दबाव को कम करने के लिए मजबूर करना है। यह एस्टोनियाई सरकार का आकलन है, जिसे रूस ने स्वीकार नहीं किया है।

विदेश मंत्री ने रूस के राजनयिक को किया तलब

एस्टोनिया के विदेश मंत्री Margus Tsahkna ने आगजनी की घटना को लेकर रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां स्वीकार्य नहीं हैं और 29 सितंबर को एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय ने रूस के chargé d'affaires को तलब किया।

Tsahkna के अनुसार, एस्टोनिया और उसके सहयोगी ऐसे मामलों की पहचान कर रहे हैं और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए अपनी आंतरिक सुरक्षा और तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन के लिए एस्टोनिया का समर्थन जारी रहेगा।

एस्टोनियाई विदेश मंत्रालय ने घटना को यूरोप में रूस की व्यापक तोड़फोड़ गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य डर पैदा करना, सहयोगी देशों के बीच मतभेद बढ़ाना और यूक्रेन के समर्थन से ध्यान भटकाना है। यह आकलन एस्टोनियाई सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का है।

रूस ने आरोपों को बताया निराधार

एस्टोनिया के आरोपों के बाद क्रेमलिन ने उन्हें खारिज कर दिया। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि एस्टोनियाई अधिकारियों के बयान निराधार हैं और वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करते।

Peskov ने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं होने की बात कही और कहा कि मॉस्को इन बयानों को गंभीरता से नहीं ले सकता। इस तरह एस्टोनिया और रूस के बीच घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।

यूरोप में कथित रूसी तोड़फोड़ का व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब यूरोपीय देशों के अधिकारी रूस पर यूक्रेन युद्ध के बीच विभिन्न प्रकार की कथित हाइब्रिड और तोड़फोड़ गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाते रहे हैं। इनमें साइबर हमले, आगजनी, ड्रोन से जुड़ी घटनाएं, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के प्रयास और अन्य गुप्त गतिविधियां शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूरोप में करीब 200 ऐसी घटनाओं को रूस से जोड़ा गया है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित देशों की जांच और खुफिया आकलन महत्वपूर्ण होते हैं।

हाल के एक अन्य मामले में जर्मनी ने अगस्त की शुरुआत में Leipzig/Halle Airport के पास विस्फोटकों से लैस ड्रोन के जरिए कथित हमले के प्रयास के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया था। ऐसे मामलों ने यूरोपीय देशों में सुरक्षा और संभावित हाइब्रिड खतरों को लेकर चिंता बढ़ाई है।

NATO ने एस्टोनिया के साथ जताई एकजुटता

Milrem Robotics मामले में NATO महासचिव Mark Rutte ने भी एस्टोनिया के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि रूस NATO सहयोगियों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के जरिए यूक्रेन के समर्थन को कमजोर करने और गठबंधन की एकजुटता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

एस्टोनिया NATO का सदस्य है और रूस के साथ उसकी भौगोलिक निकटता के कारण बाल्टिक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर लंबे समय से विशेष चिंता रही है। यूक्रेन युद्ध के बाद इस क्षेत्र में हाइब्रिड सुरक्षा खतरों और संभावित तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने कहा- 'हम डरेंगे नहीं'

एस्टोनियाई प्रधानमंत्री Kristen Michal ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका देश इस तरह की गतिविधियों से भयभीत नहीं होगा। सरकार के अनुसार, घटना में सीधे तौर पर शामिल होने के संदेह में पकड़े गए लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और वे फिलहाल एस्टोनिया के लिए खतरा नहीं हैं।

Milrem Robotics की घटना ने एक बार फिर यूक्रेन युद्ध के प्रभाव को यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था और रक्षा उद्योग तक पहुंचने के सवाल को सामने ला दिया है। हालांकि एस्टोनिया ने रूसी सुरक्षा सेवाओं की भूमिका को लेकर अपना निष्कर्ष सार्वजनिक किया है, रूस ने इस आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। मामले की आपराधिक जांच अभी जारी है और आगे की जांच से घटना के संबंध में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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