FIFA World Cup 2026: आखिरी मिनट में स्पेन की शानदार जीत, बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में किया प्रवेश

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने आखिरी मिनट में गोल दागकर बेल्जियम को 2-1 से हराया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। जानिए मैच के प्रमुख पल, स्कोर

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच से भर देने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अंतिम क्षणों तक चले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में स्पेन ने शानदार संयम और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मैच का निर्णायक गोल स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने अंतिम मिनटों में दागकर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।

इस जीत के साथ स्पेन ने 16 वर्षों बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में वापसी की है। अब उसका अगला मुकाबला फ्रांस से होगा, जिसने पिछले विश्व कप में फाइनल तक का सफर तय किया था। इस परिणाम ने स्पेन को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है।

आक्रामक शुरुआत के साथ स्पेन ने बनाया दबाव

मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार बेल्जियम के रक्षात्मक क्षेत्र में दबाव बनाया। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी फुटबॉलरों के संतुलित प्रदर्शन ने स्पेन को शुरुआती बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्पेन को पहला गोल 30वें मिनट में मिला। लैमिन यामल ने शानदार दौड़ लगाते हुए आक्रमण तैयार किया, जिसके बाद पेड्रो पोरो ने बॉक्स के भीतर सटीक लो क्रॉस दिया। 

बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो का पहला प्रयास रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल स्पेन के लगातार हमलों का परिणाम था और इससे टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया।

FIFA World Cup 2026: आखिरी मिनट में स्पेन की शानदार जीत, बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में किया प्रवेश

बेल्जियम ने शानदार वापसी कर मुकाबला बराबर किया

पहला गोल खाने के बाद बेल्जियम ने भी आक्रामक रुख अपनाया और स्पेन की रक्षा पंक्ति पर दबाव बढ़ाया। इसका परिणाम 41वें मिनट में देखने को मिला, जब टिमोथी कास्टेग्ने के बेहतरीन क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला पूरी तरह खुल गया। 

साथ ही स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन की लगातार कई मैचों तक चली क्लीन शीट का सिलसिला भी समाप्त हो गया। पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमों ने आक्रामक फुटबॉल खेला, लेकिन कोई भी टीम दूसरी बढ़त हासिल नहीं कर सकी।

कोर्टुआ की चोट बनी बेल्जियम के लिए बड़ा झटका

दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मैच का सबसे बड़ा मोड़ 71वें मिनट में आया। बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लैमेंस को मैदान में उतारा गया। कोर्टुआ की अनुपस्थिति ने बेल्जियम की रक्षात्मक मजबूती को प्रभावित किया और स्पेन ने इसका फायदा उठाने की कोशिश तेज कर दी। विशेषज्ञों का मानना है कि मैच के अंतिम चरण में गोलकीपर का बदलाव बेल्जियम के लिए निर्णायक साबित हुआ।

मिकेल मेरिनो ने फिर निभाई सुपर-सब की भूमिका

जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी स्पेन के कोच ने 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। सिर्फ दो मिनट बाद मेरिनो ने अपनी मौजूदगी का असर दिखा दिया। पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को बेल्जियम के नए गोलकीपर पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से छूट गई और मेरिनो ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में बदल दिया।

इस गोल के साथ स्पेन ने 2-1 की बढ़त बना ली, जिसे उसने अंतिम सीटी तक बरकरार रखा। मेरिनो लगातार दूसरे नॉकआउट मुकाबले में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में उतरकर निर्णायक गोल करने में सफल रहे, जिससे उनकी उपयोगिता एक बार फिर साबित हुई। इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका सामना मजबूत फ्रांसीसी टीम से होगा। दोनों टीमें तकनीकी रूप से बेहद मजबूत मानी जाती हैं और फुटबॉल विशेषज्ञ इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैचों में से एक मान रहे हैं।

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