हैदराबाद के गाचीबौली स्थित हिल रिज विला में करोड़ों के सोने-चांदी की चोरी करने वाले नेपाली घरेलू सहायकों समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। पुलिस ने करीब 8 किलो सोना और अन्य आभूषण सुरक्षित बरामद कर लिए हैं।
हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद जिले के पॉश इलाके गाचिबोवली स्थित हिल रिज विला में हुई एक बड़ी ज्वेलरी चोरी का साइबराबाद पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज मामले में लगभग 7 से 8 किलो सोने और 1.5 किलो चांदी के आभूषण चोरी होने की बात सामने आई है। पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरा चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया गया है।
यह मामला केवल एक घरेलू चोरी नहीं बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें घरेलू सहायकों की भूमिका ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम: छुट्टियों के दौरान खाली था घर
पुलिस जांच के अनुसार यह घटना 6 जून को उस समय हुई जब घर के सदस्य मुंबई गए हुए थे। इसी दौरान घर में काम करने वाले घरेलू सहायक दंपति ने इस वारदात को अंजाम दिया।
7 जून को जब परिवार के बुजुर्ग सदस्य वापस घर लौटे तो उन्हें केवल एक छोटी चोरी का अंदेशा हुआ, जिसमें एक मूर्ति से सोने की चेन गायब थी। हालांकि, उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और मामला दर्ज कराया गया।
लेकिन असली खुलासा तब हुआ जब 8 जून को परिवार के बेटे ने घर के लॉकर को खोला। लॉकर की चाबी घर में ही उपलब्ध थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने पहले ही बड़ी चालाकी से लॉकर खोलकर उसे दोबारा लॉक कर दिया था। जांच में पता चला कि लॉकर से भारी मात्रा में सोने और चांदी के गहने गायब थे।
चोरी का तरीका: घरेलू भरोसे का फायदा उठाया
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घर में काम करने के दौरान ही पूरी योजना तैयार कर ली थी। उन्होंने यह जान लिया था कि लॉकर की चाबी कहां रखी जाती है और परिवार की दिनचर्या कैसी है।
आरोपियों ने मौका पाकर लॉकर खोला, उसमें रखे कीमती गहनों को निकाला और फिर सावधानीपूर्वक लॉकर को दोबारा बंद कर दिया ताकि तुरंत किसी को शक न हो। इसके बाद वे घर से फरार हो गए।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक “इंटेलिजेंटली प्लान्ड इनसाइडर थीफ्ट” का मामला है, जिसमें भरोसे के दायरे में घुसकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया।
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साइबराबाद पुलिस की तेज कार्रवाई और अंतरराज्यीय ऑपरेशन
जैसे ही मामला गंभीर हुआ, साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने विशेष जांच टीमों का गठन किया। इसमें SOT (स्पेशल ऑपरेशंस टीम), क्राइम यूनिट और स्थानीय पुलिस को शामिल किया गया।
पुलिस की कुल छह टीमों को उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड भेजा गया। आरोपियों की तस्वीरें सभी राज्यों की पुलिस के साथ साझा की गईं ताकि जल्द से जल्द उन्हें पकड़ा जा सके।
लगातार ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के उदमपुर इलाके में तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल शाही, उनकी पत्नी विमल शाही और एक अन्य महिला कल्पना के रूप में हुई है। सभी आरोपी नेपाल मूल के बताए जा रहे हैं।
8 किलो सोना और चांदी बरामद, पुलिस ने दिखाई बड़ी सफलता
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से पूरा चोरी किया गया माल बरामद कर लिया गया है। इसमें लगभग 7 से 8 किलो सोने के आभूषण और करीब 1.5 किलो चांदी शामिल है।
यह साइबराबाद पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातु की बरामदगी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है।
आरोपियों की स्वीकारोक्ति और आगे की कार्रवाई
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने घर में रखी लॉकर की चाबी की जानकारी पहले ही हासिल कर ली थी। उन्होंने मौके का फायदा उठाकर चोरी को अंजाम दिया और बाद में बचने के लिए उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे।
फिलहाल तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है और ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें हैदराबाद लाया जाएगा, जहां आगे की विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हाई-प्रोफाइल आवासीय सोसायटियों में घरेलू सहायकों की जांच और निगरानी कितनी प्रभावी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित बैकग्राउंड चेक को और सख्त करने की जरूरत है।









