भारत में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और सप्लाई में देरी से घरेलू और व्यावसायिक उपयोग प्रभावित हो रहा है। कई परिवार और रेस्टोरेंट अब खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकटॉप पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि यह बिजली का बेहतर इस्तेमाल करता है और कई मामलों में एलपीजी की तुलना में कम खर्चीला साबित हो सकता है।
LPG Vs Induction: घरों और रेस्टोरेंट में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और अनियमित सप्लाई के कारण अब लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकटॉप को विकल्प के रूप में देख रहे हैं। नोएडा, लखनऊ, दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में यह समस्या सबसे अधिक महसूस की जा रही है। इंडक्शन बिजली की ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करता है, जिससे खाना बनाने में खर्च कम हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली की उपलब्धता, पारंपरिक खाना पकाने की आदत और शुरुआती निवेश तय करेंगे कि कौन सा विकल्प ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
एलपीजी की किल्लत और बढ़ती चिंता
देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में देरी और किल्लत ने घरेलू और व्यावसायिक इस्तेमाल दोनों को प्रभावित किया है। नोएडा, लखनऊ, दिल्ली और पुणे में लोग सिलेंडर बुक कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय भी गैस की कमी के कारण अपने संचालन में बदलाव करने को मजबूर हो रहे हैं।
सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है, लेकिन सप्लाई अनियमित होने की वजह से असुविधा बढ़ गई है। इसी कारण अब कई परिवार सोच रहे हैं कि क्या खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकटॉप सस्ता और सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।

एलपीजी और इंडक्शन में खर्च का अंतर
एक सामान्य 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 950 रुपये है। गैस चूल्हे की दक्षता केवल 55 प्रतिशत मानी जाती है, यानी खाना बनाते समय काफी ऊर्जा व्यर्थ चली जाती है। इसके मुकाबले, इंडक्शन कुकटॉप बिजली की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सीधे खाना पकाने में इस्तेमाल करता है, जिससे यह अधिक प्रभावी और कई मामलों में सस्ता साबित हो सकता है।
कुछ अध्ययनों के अनुसार, एक परिवार हर महीने 180 से 1000 रुपये तक बचत कर सकता है। ऊर्जा अर्थशास्त्र की रिपोर्टों में भी कहा गया है कि बिना सब्सिडी वाले एलपीजी के मुकाबले इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग कई स्थितियों में अधिक किफायती है।
लोग अभी भी क्यों पसंद करते हैं एलपीजी
हालांकि इंडक्शन सस्ता विकल्प हो सकता है, लेकिन बिजली कटौती और पारंपरिक खाना बनाने की आदतों के कारण एलपीजी सिलेंडर को प्राथमिकता दी जाती है। रोटी सेंकना, तड़का लगाना या सीधे आंच पर पकाना जैसी क्रियाएं गैस पर अधिक आसान होती हैं।
इंडक्शन अपनाने के लिए विशेष बर्तनों की जरूरत होती है। ग्रामीण और छोटे शहरों में परिवारों को नए बर्तन खरीदने पड़ सकते हैं, जिससे शुरुआती खर्च बढ़ जाता है। यही वजह है कि कई घरों में इंडक्शन के फायदे के बावजूद एलपीजी ही इस्तेमाल में रहता है।











