गया: 100 साल साथ निभाने वाले दंपती ने एक ही दिन कहा अलविदा

गया: 100 साल साथ निभाने वाले दंपती ने एक ही दिन कहा अलविदा

जीवन भर एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे पति-पत्नी का साथ अंतिम सांस तक बना रहा। दोनों के निधन के बाद परिजनों ने उनका एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया, जिसे देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

यह मार्मिक घटना गया जिले की है। बताया जा रहा है कि दंपती की शादी को करीब एक शताब्दी पूरी हो चुकी थी। इतने लंबे समय तक साथ निभाने वाला यह जोड़ा पूरे गांव में आपसी प्रेम, सम्मान और समर्पण की मिसाल माना जाता था। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामे रखा और परिवार को मिल-जुलकर संभाला।

परिजनों के अनुसार, पहले पति का निधन हुआ। पति के जाने के बाद पत्नी गहरे सदमे में चली गईं और कुछ ही समय के भीतर उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार के लोग इसे सात फेरों के उस वचन से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया जाता है। गांव वालों का कहना है कि ऐसा लगता है मानो पति के बिना पत्नी का रह पाना संभव नहीं हो सका।

दंपती के निधन की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग उनके घर और श्मशान घाट पर पहुंचने लगे। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजनों की सहमति से दोनों की अर्थी एक साथ उठाई गई और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दुर्लभ दृश्य बहुत कम देखा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दंपती सादा जीवन और उच्च विचारों के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने बच्चों और नातियों को संस्कार, अनुशासन और आपसी सम्मान की सीख दी। गांव में आज भी लोग उनके जीवन से जुड़ी बातें याद कर रहे हैं और उनके रिश्ते को आदर्श दांपत्य की मिसाल बता रहे हैं।

कुल मिलाकर, गया की यह घटना सिर्फ एक दुखद समाचार नहीं, बल्कि उस अटूट रिश्ते की कहानी है, जिसमें सात फेरों का साथ करीब 100 साल तक निभाया गया। जीवन ही नहीं, मृत्यु में भी दोनों का साथ बना रहा और एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार सच्चे प्रेम और समर्पण की अमिट छाप छोड़ गया।

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