Telegram पर ट्रेडिंग का झांसा, गाजियाबाद के व्यक्ति से 18.25 लाख रुपये की साइबर ठगी

गाजियाबाद में Telegram पर ट्रेडिंग का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 18.25 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गाजियाबाद में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग से मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 18.25 लाख रुपये ठग लिए। टेलीग्राम के जरिए संपर्क कर फर्जी निवेश कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गाजियाबाद: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। शहर के एक व्यक्ति को टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क कर शेयर बाजार में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। धीरे-धीरे विश्वास जीतकर आरोपितों ने उससे 18.25 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना जांच में जुट गया है।

टेलीग्राम पर संपर्क कर बनाया भरोसा

राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक सोसायटी में रहने वाले उमेश कुमार को मार्च महीने में टेलीग्राम के जरिए कुछ लोगों ने संपर्क किया। आरोपितों ने खुद को एक निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए विदेशी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश कराने की पेशकश की। उन्होंने कम समय में अधिक रिटर्न मिलने का दावा किया और शुरुआती स्तर पर निवेश के फायदे बताकर पीड़ित का भरोसा जीत लिया।

Telegram पर ट्रेडिंग का झांसा, गाजियाबाद के व्यक्ति से 18.25 लाख रुपये की साइबर ठगी

साइबर ठगों ने पेशेवर अंदाज में बातचीत करते हुए निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताया। इसी दौरान पीड़ित को लगातार अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

कई खातों में ट्रांसफर कराए गए लाखों रुपये

शिकायत के अनुसार, 9 मार्च से 14 अप्रैल के बीच पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई गई। आरोपितों ने विभिन्न कंपनियों और फर्मों के नाम पर संचालित बैंक खातों की जानकारी देकर धनराशि ट्रांसफर करवाई।

पीड़ित ने आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसे बैंकिंग माध्यमों से कुल 18.25 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए। शुरुआत में निवेश पर लाभ दिखाने और बेहतर रिटर्न का भरोसा देने के कारण उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।

पैसे निकालने की कोशिश पर खुला ठगी का राज

जब उमेश कुमार ने निवेश की गई रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपितों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद उनसे संपर्क करना भी मुश्किल हो गया। न तो निवेश की गई राशि वापस मिली और न ही किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब मिला।

खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया है।

बैंक खाते और टेलीग्राम आईडी की जांच शुरू

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, टेलीग्राम आईडी और संबंधित वेबसाइट की जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञ डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। कम समय में अधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें और निवेश से पहले संबंधित संस्था की विश्वसनीयता अवश्य जांच लें।

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