गुजरात बजट 2026: CM भूपेंद्र पटेल ने पेश किया मानव-केंद्रित और विकास-उन्मुख बजट

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 2026-27 के लिए मानव-केंद्रित और विकास-उन्मुख बजट पेश किया। जानिए बजट में प्रमुख प्रावधान, विकास योजनाएं, सामाजिक योजनाओं

गुजरात सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गुजरात बजट पेश किया है, जिसका आकार 4 लाख 8 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस बजट को मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे और विश्वास-आधारित शासन का उदाहरण बताया। 

Gujarat Budget 2026: भूपेंद्र पटेल ने वित्त मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के गुजरात बजट का स्वागत किया और इसे विश्वास-आधारित शासन तथा मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को साकार करने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य की लगातार चल रही विकास यात्रा को जनकल्याण के साथ आगे बढ़ाने में मदद करेगा, और इसमें नए टैक्स के बोझ की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने बजट को ऐसे पहलुओं से भरपूर बताया जो आम जनता और राज्य की आर्थिक मजबूती दोनों के लिए लाभकारी हैं।

बजट का विकास-उन्मुख फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, ढांचागत सुविधाओं, आर्थिक विकास और ग्रीन ग्रोथ—इन पांच स्तंभों पर आधारित है। कुल व्यय का 65 प्रतिशत विकास-उन्मुख कार्यों के लिए रखा गया है। 

  • शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति: 64 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान
  • स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएं: 19 प्रतिशत
  • कृषि, सिंचाई, जल और शहरी विकास: 11 प्रतिशत

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सुधारवादी नीतियों के अनुरूप तैयार किया गया है और यह राज्य को स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

पर्यटन और ‘गुजरात टूरिज्म ईयर 2026’

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ घोषित किया और पर्यटन क्षेत्र के लिए 6,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया। वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने बजट पेश करते हुए हेरिटेज, तीर्थयात्रा और कोस्टल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की।

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: 236 करोड़ रुपये, विज़िटर सुविधाओं को बढ़ाने के लिए
  • लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज म्यूजियम और टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण: 95 करोड़ रुपये
  • अंबाजी मंदिर कॉरिडोर मास्टरप्लान: 300 करोड़ रुपये
  • गिरनार और नर्मदा परिक्रमा रूट सुधार: 55 करोड़ रुपये
  • सोमनाथ मंदिर और शिवराजपुर बीच डेवलपमेंट: 60 करोड़ रुपये

इस योजना का उद्देश्य हेरिटेज और तीर्थयात्रा स्थलों पर इंटरप्रिटेशन और विज़िटर अनुभव को बेहतर बनाना है। साथ ही, ‘वेड इन गुजरात’ कैंपेन के जरिए राज्य को वेडिंग और डेस्टिनेशन टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।

Leave a comment