गुजरात में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। Indian National Congress ने राज्य के 15 नगर निगमों में से अहम अहमदाबाद और सूरत समेत सात नगर निगमों के लिए 243 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है।
Nagar Nigam Chunav: गुजरात में होने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दल Indian National Congress ने 26 अप्रैल को प्रस्तावित 15 नगर निगम चुनावों में से सात प्रमुख नगर निकायों के लिए अपने 243 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय हो गया है।
कांग्रेस द्वारा जारी की गई सूची में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर और मोरबी जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन नगर निगमों में चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती नजर आ रही है।
प्रमुख नगर निकायों पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस ने जिन सात नगर निगमों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, वे राज्य के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली शहरी केंद्रों में गिने जाते हैं। अहमदाबाद और सूरत जैसे शहर आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए यहां के चुनावों पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है। वहीं, Bharatiya Janata Party और Aam Aadmi Party ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। ऐसे में कांग्रेस ने शुरुआती बढ़त लेने की रणनीति अपनाई है।
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चुनाव कार्यक्रम और प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, गुजरात में नगर निगम, जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगरपालिकाओं के लिए व्यापक चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। 15 नगर निगमों के अलावा 34 जिला पंचायतों, 260 तालुका पंचायतों और 84 नगरपालिकाओं के लिए भी चुनाव होंगे। इन सभी निकायों के लिए मतदान 26 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 28 अप्रैल को की जाएगी।
चुनाव अधिसूचना 6 अप्रैल को जारी होगी, जिसके बाद उम्मीदवार 11 अप्रैल तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 13 अप्रैल को की जाएगी और 15 अप्रैल तक उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस बार के चुनावों में करीब 9,992 सीटों के लिए मतदान होगा। इसके लिए 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता पात्र हैं, जो अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि गुजरात के स्थानीय चुनावों का दायरा कितना व्यापक है और इसका राजनीतिक महत्व कितना बड़ा है।










