मुजफ्फरपुर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया, जहां शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने एक मासूम की जान ले ली। घटना उस समय हुई जब बच्चे के माता-पिता गेहूं की कटनी के लिए खेत में गए हुए थे और उनका 5 साल का बेटा घर में अकेला सो रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में यह घर आग की लपटों में घिर जाएगा और एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
बताया जा रहा है कि घर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे चिंगारी उठी और देखते ही देखते आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था, इसलिए आग को समय रहते बुझाया नहीं जा सका। बच्चा उस समय गहरी नींद में था और जब तक उसे कुछ समझ आता, तब तक आग पूरी तरह फैल चुकी थी। वह बाहर निकलने का मौका भी नहीं पा सका और झुलसकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आसपास के अन्य घर भी इसकी चपेट में आ गए। लपटें इतनी भयानक थीं कि कुल मिलाकर करीब पांच घर जलकर खाक हो गए। ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाना आसान नहीं था। किसी तरह पानी और स्थानीय संसाधनों की मदद से आग को काबू में लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जब माता-पिता को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे बदहवास होकर घर की ओर दौड़े। अपने बेटे की हालत देखकर वे फूट-फूटकर रोने लगे। मां का रो-रोकर बुरा हाल था और पिता भी सदमे में थे। जिस बच्चे को वे कुछ समय पहले तक घर में सुरक्षित छोड़कर गए थे, अब वह हमेशा के लिए उनसे दूर जा चुका था। पूरे गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस हादसे से गहरे दुख में है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल की व्यवस्था होती या गांव में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद इस हादसे को रोका जा सकता था। कई लोगों ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि खराब वायरिंग और लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं होती हैं।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि शॉर्ट सर्किट ही आग लगने की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरा घाव बन गई है। एक मासूम की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी खामी किस तरह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।