वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला आरक्षी के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दर्शन के लिए पहुंची मां-बेटी ने चेकिंग के दौरान विवाद किया और इसके बाद महिला आरक्षी के साथ हाथापाई की। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान महिला आरक्षी की वर्दी पर लगी नेम प्लेट का पट्टा खींचकर तोड़ दिया गया और उसका पहचान पत्र लेकर भागने का प्रयास किया गया। महिला आरक्षी की शिकायत के आधार पर चौक थाने में दोनों महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
यह घटना रविवार दोपहर ज्ञानवापी परिसर के पश्चिमी डी गेट पर हुई। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, महिला आरक्षी चांदनी उस समय सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थीं। दोपहर करीब 12:45 बजे दो महिलाएं गेट पर पहुंचीं। सुरक्षा जांच के दौरान उनके पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिलने की बात सामने आई। महिला आरक्षी ने उन्हें प्रतिबंधित सामान निर्धारित स्थान पर जमा करने के बाद दोबारा आने की हिदायत दी। इसके बाद दोनों महिलाएं सामान जमा करके वापस गेट पर पहुंचीं।
महिला आरक्षी की तहरीर के अनुसार, दोबारा चेकिंग के दौरान मां-बेटी में से बेटी ने सुरक्षा जांच को लेकर बहस शुरू कर दी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत रहने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की बात कही। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों महिलाएं उग्र हो गईं और महिला आरक्षी के साथ हाथापाई करने लगीं। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की वर्दी पर लगी नेम प्लेट का पट्टा भी खींचकर तोड़ दिया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद महिला आरक्षी का पहचान पत्र भी लेकर भागने की कोशिश की गई। जब आरक्षी ने अपना पहचान पत्र वापस लेने का प्रयास किया तो दोनों महिलाओं ने उनके साथ दोबारा मारपीट की। आरोप है कि उनके बाल खींचे गए और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों तक पहुंचा और महिला आरक्षी ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बंगालीपुर निवासी प्रियंका और उनकी बेटी कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। चौक इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ज्ञानवापी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की जांच की जाती है और प्रतिबंधित वस्तुओं को परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में चेकिंग के दौरान सुरक्षा कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच किसी भी तरह का विवाद सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस बिंदु पर शुरू हुआ और मारपीट की स्थिति कैसे बनी।
घटना के बाद महिला आरक्षी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत है; मां-बेटी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर ही होगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
इस घटना ने ज्ञानवापी परिसर में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा कर्मियों के सामने आने वाली जिम्मेदारियों को भी सामने ला दिया है। पश्चिमी डी गेट जैसे प्रवेश बिंदुओं पर श्रद्धालुओं की लगातार जांच होती है और प्रतिबंधित सामान को लेकर सुरक्षा कर्मियों को निर्धारित नियमों का पालन कराना होता है। पुलिस के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के दौरान यह विवाद सामने आया। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच क्या-क्या हुआ और मामले में आगे कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल चौक पुलिस ने दोनों नामजद महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल बताई गई महिला आरक्षी की ओर से लगाए गए आरोपों को प्राथमिकी में दर्ज किया गया है, जबकि आरोपित पक्ष का विस्तृत बयान सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।










