हनुमान जी भक्ति सेवा, समर्पण के प्रतीक अयोध्या पहुंचीं हनुमान अंश’ की निर्माता संतों से लिया आशीर्वाद

हनुमान अंश’ की सह-निर्माता अनुप्रिया नागर ने अयोध्या में रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए। संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक अनुभव साझा किया।
हनुमान जी भक्ति सेवा, समर्पण के प्रतीक अयोध्या पहुंचीं हनुमान अंश’ की निर्माता संतों से लिया आशीर्वाद
Photo Credit / Attribution: Google

अयोध्या में इन दिनों धार्मिक आस्था के साथ फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। फिल्म की सह-निर्माता अनुप्रिया नागर सोमवार को अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद वह हनुमानगढ़ी पहुंचीं और बजरंगबली के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को अनुप्रिया नागर ने अपने जीवन के बेहद खास और भावुक पलों में से एक बताया।

अयोध्या पहुंचने के बाद अनुप्रिया नागर ने संतों से मुलाकात के दौरान अपनी फिल्म, उससे जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा और आगे के काम के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि अयोध्या आना उनके लिए केवल एक सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा अनुभव है। रामलला के दर्शन और हनुमानगढ़ी में पूजा करने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनकी अब तक की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ है। उन्होंने संतों से अपने आगामी कार्यों के लिए आशीर्वाद भी लिया।

अनुप्रिया नागर ने महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात को विशेष बताते हुए कहा कि उनके सामने बैठने पर उन्हें एक अलग आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव हुआ। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने महंत नृत्य गोपाल दास को संत परंपरा और श्रीराम भक्ति से गहराई से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में याद किया और कहा कि उनसे मिलना उनके लिए बेहद भावुक क्षण रहा।

अनुप्रिया ने कहा कि भगवान हनुमान उनके लिए केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं। उनका मानना है कि हनुमान जी के चरित्र से लोगों को सेवा, अनुशासन, निष्ठा और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। इसी भावना के साथ वह अपनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। फिल्म की विषयवस्तु भी आध्यात्मिक जीवन और भारतीय परंपरा से जुड़ी हुई है, इसलिए अयोध्या की यात्रा उनके लिए विशेष महत्व रखती है।

फिल्म ‘हनुमान अंश’ आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित बताई गई है। फिल्म की टीम लगातार अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों पर पहुंचकर संतों और धार्मिक व्यक्तित्वों से आशीर्वाद ले रही है। इससे पहले भी अनुप्रिया नागर वृंदावन पहुंची थीं और वहां संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया था। उस दौरान भी उन्होंने फिल्म की यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ते हुए अपनी भावनाएं साझा की थीं।

अयोध्या में अनुप्रिया नागर ने रामलला के दर्शन करने के बाद हनुमानगढ़ी में भी पूजा की। अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी दोनों ही श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र हैं। ऐसे में फिल्म से जुड़े आध्यात्मिक विषय को देखते हुए निर्माता की यह यात्रा उनके लिए खास मानी जा रही है। दर्शन के दौरान उन्होंने भगवान से फिल्म की सफलता और आगे के कार्यों के लिए आशीर्वाद मांगा।

महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात के दौरान अनुप्रिया ने अयोध्या की संत परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में जिस भव्य राम मंदिर को लोग देख रहे हैं, उसके पीछे लंबे समय तक चली साधना, संघर्ष और संत समाज का संकल्प रहा है। उनके अनुसार, अयोध्या के संतों का आशीर्वाद उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है और फिल्म की यात्रा में भी वह इसे विशेष महत्व देती हैं।

अनुप्रिया नागर का कहना है कि ‘हनुमान अंश’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े संदेश को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। उनका मानना है कि भारतीय संत परंपरा और आध्यात्मिक जीवन में ऐसे कई संदेश हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक आधुनिक माध्यमों के जरिए पहुंचाया जा सकता है। फिल्म इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई है।

अयोध्या यात्रा के दौरान धार्मिक वातावरण और संतों के सानिध्य को लेकर अनुप्रिया ने कहा कि उन्हें भीतर से एक नई ऊर्जा और शक्ति का एहसास हो रहा है। उनके अनुसार, रामलला और बजरंगबली के दर्शन के बाद संतों से आशीर्वाद मिलना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा। उन्होंने इसे अपने जीवन और फिल्म की यात्रा से जुड़ा यादगार क्षण बताया।

फिल्म की सफलता के बाद अनुप्रिया नागर और ‘हनुमान अंश’ की टीम लगातार चर्चा में है। फिल्म के विषय के कारण इसे लेकर धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि रखने वाले दर्शकों में भी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म की टीम की ओर से इसके केंद्र में भारतीय संस्कृति, भक्ति और संत परंपरा को बताया जाता रहा है। अयोध्या में संतों से हुई मुलाकात इसी क्रम का हिस्सा रही।

अनुप्रिया नागर ने अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान संतों का आशीर्वाद लेते हुए आगे भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर काम करने की इच्छा जताई। उनका कहना है कि संतों का आशीर्वाद और भगवान की कृपा उनके लिए आगे की यात्रा में प्रेरणा का काम करती है। अयोध्या में मिले इस आध्यात्मिक अनुभव ने उनके लिए फिल्म से जुड़े सफर को और भावनात्मक बना दिया है।

अयोध्या से लौटने से पहले अनुप्रिया नागर ने रामलला और बजरंगबली के दर्शन को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल फिल्म की सफलता का जश्न मनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि अपनी आस्था के केंद्रों तक पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लेने का अवसर भी थी। महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या में उन्हें जिस आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ, उसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन है।

फिलहाल ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी टीम की धार्मिक यात्राओं का सिलसिला जारी है। अयोध्या में रामलला, हनुमानगढ़ी और संतों के दर्शन के बाद अनुप्रिया नागर ने अपने आगामी कामों के लिए आशीर्वाद लिया। उनके अनुसार, हनुमान जी का भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी प्रेरणादायक है और इसी भावना को वह अपने काम के जरिए दर्शकों तक पहुंचाना चाहती हैं।

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