हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, 30 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म; झज्जर में CJP की एंट्री

: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने से जारी है। सरकार ने 30 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कीं, जबकि झज्जर में CJP ने सोशल मीडिया ट्रेनिंग दी।

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की करीब एक महीने से जारी हड़ताल के बीच सरकार ने सख्ती बढ़ाई है। 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। झज्जर में CJP टीम ने आंदोलन को समर्थन देकर सोशल मीडिया ट्रेनिंग भी दी।

झज्जर: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने से ज्यादा समय से जारी है और कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई के बीच 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान झज्जर में CJP की टीम आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच पहुंची और उनकी मांगों को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया।

करीब एक महीने से जारी है सफाई कर्मचारियों की हड़ताल

हरियाणा में सफाई और दमकल कर्मचारियों का आंदोलन लंबे समय से चल रहा है। हड़ताल के कारण रोहतक, हिसार, सोनीपत, बहादुरगढ़, झज्जर और सिरसा समेत कई शहरी इलाकों में कचरा जमा होने की स्थिति बनी है। प्रशासन ने वैकल्पिक कर्मचारियों और मशीनरी के जरिए सफाई व्यवस्था संभालने की कोशिश की है। कुछ जगहों पर हड़ताली कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई।

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, 30 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म; झज्जर में CJP की एंट्री

कर्मचारी नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और 13 मई को हुए समझौते को लिखित रूप से लागू करने की मांग पर कायम हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से दिए गए मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं और उन्हें लिखित आदेश चाहिए।

सरकार का सख्त रुख, 30 कर्मचारियों पर कार्रवाई

हड़ताल खत्म करने के लिए सरकार ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद आंदोलन जारी रहने पर स्थानीय निकाय विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिनमें नियमित और अनुबंध कर्मी शामिल हैं। हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों के जरिए कचरा उठाने में बाधा डालने के आरोप में विभिन्न जिलों में कर्मचारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई हैं।

सरकार ने दूसरी ओर पालिका रोल पर काम करने वाले कर्मचारियों को 2024 के सेवा सुनिश्चितता कानून के दायरे में लाने, 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और ₹2,000 मासिक जोखिम भत्ता देने का प्रस्ताव रखा है। इसके बावजूद कर्मचारी नियमितीकरण और पहले हुए समझौते के लिखित क्रियान्वयन की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

झज्जर में CJP की एंट्री, धरना स्थल पर सोशल मीडिया ट्रेनिंग

इसी बीच झज्जर में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में CJP की टीम पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और हरियाणा से CJP के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों को करीब एक घंटे तक सोशल मीडिया के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को मोबाइल के जरिए अपनी मांगों और आंदोलन की जानकारी ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का तरीका बताना था।

झज्जर से CJP हरियाणा टीम की पहली बैठक भी शुरू हुई। इसमें संगठन को मजबूत करने, स्कूल सुधार अभियान को आगे बढ़ाने और आम लोगों के प्रमुख मुद्दों को समझने पर चर्चा हुई। CJP पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने और सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल करने की अपील की।

एक मांग पर अटका है सरकार और कर्मचारियों के बीच पेंच

सरकार का दावा है कि हड़ताल से जुड़ी 13 में से 12 मांगों को बातचीत के दौरान सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया जा चुका है। वहीं कर्मचारी लिखित आदेश और नियमितीकरण को लेकर अब भी अड़े हैं। इसी बिंदु पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है।

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