हरियाणा में 7 से 12 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD चंडीगढ़ के अनुसार 7 से 10 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पलवल में 40.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
चंडीगढ़; हरियाणा में मानसून की गतिविधियां फिलहाल जारी रहने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार 7 से 12 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रह सकता है। 7 से 10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। हालिया बारिश में पलवल में 40.5 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया।
12 सितंबर तक हरियाणा में सक्रिय रहेगा मानसून
हरियाणा में मानसून की गतिविधियों में अभी पूरी तरह विराम नहीं आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार प्रदेश में अगले कई दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने 7 सितंबर से 12 सितंबर तक मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है।
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मौसम विभाग के अनुसार 7 से 10 सितंबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि इस अवधि में पूरे प्रदेश में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
मानसून की सक्रियता के कारण किसानों और आम लोगों को आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी। बारिश से तापमान में भी कुछ राहत मिलने की संभावना है, जबकि जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव की स्थिति है, वहां परेशानी बढ़ सकती है।
कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले मैदानों में रहने, पेड़ के नीचे खड़े होने या बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए भी मौसम विभाग की चेतावनी महत्वपूर्ण है। आसमान में तेज गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर रहेगा। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता मुख्य रूप से हल्की से मध्यम रहने की संभावना है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी मानसूनी गतिविधियां प्रदेश में बनी रह सकती हैं।
पलवल में 40.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड
बीते समय में हरियाणा के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। पलवल में 40.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे जिले में मानसून की सक्रियता का असर साफ दिखाई दिया।
बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं, निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जलनिकासी और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।
किसानों के लिए बारिश बनी राहत और चुनौती
हरियाणा की कृषि व्यवस्था के लिए मानसूनी बारिश महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है और सिंचाई पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि लगातार या तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने से कुछ फसलों को नुकसान का खतरा भी रहता है।
इसलिए किसानों को अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत है। खासतौर पर बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखने की सलाह
हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहने के कारण मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है। 7 से 10 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और इसके साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
लोगों को सलाह है कि बारिश या आंधी के दौरान मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखें। खासकर बिजली गिरने की चेतावनी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। कुल मिलाकर, 12 सितंबर तक हरियाणा में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।









