हिमाचल शिक्षक भर्ती में बड़ा झटका: 118 संगीत शिक्षक पदों पर सिर्फ 46 चयनित, पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने से 72 पद खाली

हिमाचल में 118 संगीत शिक्षक पदों पर भर्ती के बाद सिर्फ 46 उम्मीदवार चयनित हुए। पात्र उम्मीदवार न मिलने से 72 पद खाली रह गए, जानिए पूरी जानकारी।
हिमाचल शिक्षक भर्ती में बड़ा झटका: 118 संगीत शिक्षक पदों पर सिर्फ 46 चयनित, पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने से 72 पद खाली
Photo Credit / Attribution: Google

हिमाचल प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षकों के 118 पदों को भरने के लिए शुरू की गई चयन प्रक्रिया के बाद भी 72 पद खाली रह गए। राज्य चयन आयोग ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा और दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इसमें सिर्फ 46 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण बाकी 72 पदों को नहीं भरा जा सका।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 118 पदों के लिए आयोग को कुल 71 आवेदन ही प्राप्त हुए थे। इनमें से 63 अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी। परीक्षा के बाद 58 उम्मीदवारों को दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाया गया था। 18 अगस्त को हुई दस्तावेज जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 46 अभ्यर्थी ही अंतिम रूप से चयन के योग्य पाए गए। इसके बाद आयोग ने अंतिम परिणाम घोषित कर दिया।

हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षकों की भर्ती पोस्ट कोड-26021 के तहत की थी। इन पदों पर नियुक्ति फिक्स मानदेय के आधार पर की जानी थी। भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में संगीत शिक्षकों के खाली पदों को भरना था, लेकिन आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या ही पदों की तुलना में काफी कम रही। इसके बाद परीक्षा और दस्तावेज जांच के दौरान भी सभी पदों के लिए पर्याप्त पात्र उम्मीदवार नहीं मिल सके।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 118 पदों में से 46 पद ही भर पाए हैं, जबकि 72 पद रिक्त रह गए। यानी कुल घोषित पदों के मुकाबले आधे से भी कम उम्मीदवारों का अंतिम चयन हुआ। भर्ती प्रक्रिया में इतने बड़े स्तर पर पद खाली रहना शिक्षा विभाग के लिए भी चिंता का विषय माना जा रहा है।

आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक खाली रह गए 72 पदों में अलग-अलग आरक्षित और सामान्य वर्ग के पद शामिल हैं। इनमें सामान्य वर्ग के 26, सामान्य ईडब्ल्यूएस के 11 और सामान्य वर्ग के स्वतंत्रता सेनानी परिजन के लिए आरक्षित एक पद शामिल है। इसके अलावा ओबीसी वर्ग के 15, ओबीसी बीपीएल के 4, एससी के 8, एससी बीपीएल के 3, एससी स्वतंत्रता सेनानी परिजन का एक और एसटी वर्ग के 3 पद रिक्त रह गए हैं।

इस भर्ती में आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक के आंकड़े यह बताते हैं कि संगीत शिक्षक के पदों के लिए अभ्यर्थियों की उपलब्धता बड़ी चुनौती रही। 118 पदों के लिए 71 आवेदन आना ही इस बात का संकेत था कि सभी पदों को भरने के लिए पर्याप्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं थे। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या और कम होकर 63 रह गई। दस्तावेज जांच तक पहुंचने वाले 58 उम्मीदवारों में से 46 ही अंतिम चयन में जगह बना सके।

राज्य चयन आयोग ने अंतिम परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया है। परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और प्राप्त अंकों से संबंधित जानकारी दी गई है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने परिणाम जारी होने की जानकारी दी है।

इस भर्ती की स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगातार चल रही है। अप्रैल 2026 में राज्य चयन आयोग ने अलग-अलग विषयों में कुल 808 शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें संगीत शिक्षक के 118 पदों के अलावा चित्रकला, संस्कृत और प्राथमिक शारीरिक शिक्षा शिक्षक के 118-118 पद, इतिहास के 86, हिंदी के 151 और भूगोल के 99 पद शामिल थे।

संगीत शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित योग्यता भी विषय आधारित थी। भर्ती अधिसूचना के अनुसार संगीत शिक्षक पद के लिए उम्मीदवार के पास गायन या वाद्य यंत्र से संबंधित स्नातकोत्तर डिग्री होना जरूरी था और न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त रखी गई थी। ऐसी विषय-विशेष योग्यता के कारण संभावित उम्मीदवारों का दायरा सामान्य शिक्षक भर्ती की तुलना में सीमित हो सकता है।

भर्ती प्रक्रिया में कम आवेदन और कम अंतिम चयन के बाद अब खाली रह गए पदों को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। शिक्षा विभाग को यह तय करना होगा कि इन रिक्त पदों को दोबारा भर्ती प्रक्रिया के जरिए भरा जाएगा या इसके लिए कोई दूसरी व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल आयोग ने उपलब्ध उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी कर 46 अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है।

इस बीच हिमाचल के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर दूसरी प्रक्रियाएं भी आगे बढ़ रही हैं। हाल ही में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अलग-अलग स्तर पर नियुक्तियां कर रही है।

संगीत शिक्षकों के 72 पद खाली रह जाने का असर स्कूलों में संगीत शिक्षा पर भी पड़ सकता है। सरकारी स्कूलों में संगीत विषय से जुड़े शिक्षकों की उपलब्धता होने पर विद्यार्थियों को गायन, वादन और सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि पद लंबे समय तक खाली रहते हैं तो विद्यार्थियों को इस विषय की नियमित पढ़ाई और प्रशिक्षण का लाभ सीमित हो सकता है।

वहीं दूसरी ओर, भर्ती में कम आवेदन आने का कारण भी महत्वपूर्ण है। 118 पदों के मुकाबले सिर्फ 71 आवेदन मिलने से यह सवाल उठता है कि संबंधित विषय में योग्य अभ्यर्थियों की संख्या कितनी है और सरकारी स्कूलों में संगीत शिक्षक बनने को लेकर उम्मीदवारों की रुचि कैसी है। इसके अलावा पदों पर मिलने वाला निश्चित मानदेय भी अभ्यर्थियों के लिए आकर्षण का एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।

फिलहाल हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से जारी अंतिम परिणाम के बाद तस्वीर साफ हो गई है। 118 संगीत शिक्षक पदों में से 46 पदों पर उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जबकि 72 पद पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण खाली रह गए। अब इन रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं, इस पर अभ्यर्थियों और शिक्षा क्षेत्र की नजर 

Leave a comment