आरबीआई द्वारा रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने के बाद होम लोन बाजार में राहत बनी हुई है। सरकारी और निजी बैंक प्रतिस्पर्धी दरों पर लोन दे रहे हैं, जहां कुछ सरकारी बैंकों में ब्याज दर 7.10 प्रतिशत से शुरू हो रही है।
Home Loan Rate: घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए फिलहाल होम लोन बाजार से राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है। इससे बैंकों की उधारी लागत में तत्काल कोई बदलाव नहीं हुआ और होम लोन की ब्याज दरें भी स्थिर बनी हुई हैं। ऐसे में नए ग्राहकों के पास विभिन्न बैंकों की दरों की तुलना कर बेहतर विकल्प चुनने का मौका है।
रेपो रेट स्थिर रहने से होम लोन ग्राहकों को राहत
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इस फैसले का सीधा असर होम लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ा है। रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं होने से बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत में तत्काल वृद्धि नहीं होगी, जिससे होम लोन की ईएमआई पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना कम हो गई है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिर ब्याज दरों का माहौल उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो निकट भविष्य में घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। इससे उन्हें बेहतर वित्तीय योजना बनाने और लोन विकल्पों की तुलना करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
सरकारी बैंकों में सबसे कम ब्याज दरें
सरकारी बैंक इस समय प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक की शुरुआती ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है, जो सरकारी क्षेत्र में सबसे कम दरों में शामिल है।
इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7.15 प्रतिशत, बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 प्रतिशत और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व केनरा बैंक 7.25 प्रतिशत की शुरुआती दर से होम लोन दे रहे हैं। हालांकि अंतिम ब्याज दर ग्राहक के क्रेडिट स्कोर, आय, लोन राशि और पुनर्भुगतान अवधि पर भी निर्भर करती है।
निजी बैंकों में कैसी हैं दरें
निजी क्षेत्र के बैंक भी होम लोन बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए हुए हैं। आईसीआईसीआई बैंक 7.50 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन प्रदान कर रहा है। इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक 7.60 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 7.75 प्रतिशत की शुरुआती दर पर लोन ऑफर कर रहे हैं।
वहीं एक्सिस बैंक में ब्याज दरें 8 प्रतिशत से शुरू होकर ग्राहक की प्रोफाइल और पात्रता के आधार पर अधिक भी हो सकती हैं। निजी बैंकों में अक्सर डिजिटल प्रोसेसिंग, तेज स्वीकृति और अन्य अतिरिक्त सुविधाएं भी ग्राहकों को आकर्षित करती हैं।
केवल ब्याज दर नहीं, इन बातों पर भी दें ध्यान
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि होम लोन चुनते समय केवल कम ब्याज दर को ही प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए। प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज शुल्क, प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर नियम, लोन अवधि तथा ग्राहक सेवा जैसी बातें भी कुल लागत को प्रभावित करती हैं।
इसके अलावा अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने वाले ग्राहकों को अक्सर बेहतर ब्याज दर और आसान स्वीकृति का लाभ मिलता है। इसलिए लोन आवेदन से पहले अपने सिबिल स्कोर की जांच करना और उसे मजबूत बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है।
आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने के बाद फिलहाल होम लोन बाजार में संतुलन बना हुआ है। ऐसे में घर खरीदने की योजना बना रहे लोग विभिन्न बैंकों की दरों और सुविधाओं की तुलना कर अपनी जरूरत और वित्तीय क्षमता के अनुसार सबसे उपयुक्त विकल्प चुन सकते हैं।









