TRAI की सितंबर 2026 की रिपोर्ट में देश के कुल टेलीफोन कनेक्शन 136.79 करोड़ पहुंच गए हैं। शहरी टेली-डेंसिटी 155.85% और ग्रामीण 61.30% रही। ब्रॉडबैंड कनेक्शन भी बढ़े हैं, जबकि टेलीकॉम बाजार में जियो और एयरटेल का दबदबा बना हुआ है।
Tech: भारत में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 27 अक्टूबर को सितंबर 2026 के आंकड़े जारी किए हैं। इनके मुताबिक देश में कुल टेलीफोन कनेक्शन एक महीने में करीब 72.3 लाख बढ़े हैं। इनमें मोबाइल, फिक्स्ड वायरलेस और लैंडलाइन कनेक्शन शामिल हैं। हालांकि रिपोर्ट में शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच टेलीकॉम सेवाओं की पहुंच में बड़ा अंतर भी सामने आया है।
एक महीने में 72 लाख से ज्यादा नए टेलीफोन कनेक्शन
TRAI की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 के आखिर में देश में 136.07 करोड़ टेलीफोन कनेक्शन थे। सितंबर के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 136.79 करोड़ हो गई। इस दौरान कुल कनेक्शन में 0.53 प्रतिशत की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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देश की कुल टेली-डेंसिटी भी अगस्त के 95.07 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 95.52 प्रतिशत पहुंच गई। टेली-डेंसिटी का मतलब प्रति 100 लोगों पर मौजूद टेलीफोन कनेक्शन की संख्या है। इसमें मोबाइल के साथ लैंडलाइन और दूसरे संबंधित कनेक्शन भी गिने जाते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि कनेक्शन की संख्या और मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या एक जैसी नहीं होती। एक व्यक्ति के पास दो या उससे ज्यादा सिम हो सकते हैं। रिपोर्ट में मशीन-टू-मशीन (M2M) कनेक्शन भी शामिल किए गए हैं।
शहरों में 80.77 करोड़, गांवों में 56.01 करोड़ कनेक्शन
टेलीकॉम सेवाओं के इस्तेमाल में शहर अभी भी गांवों से काफी आगे हैं। सितंबर के आखिर में शहरी क्षेत्रों में करीब 80.77 करोड़ टेलीफोन कनेक्शन दर्ज किए गए। यह देश के कुल कनेक्शन का 59.05 प्रतिशत है।
ग्रामीण इलाकों में करीब 56.01 करोड़ कनेक्शन रहे, जिनकी हिस्सेदारी 40.95 प्रतिशत है। सितंबर में शहरों में लगभग 55 लाख नए कनेक्शन जुड़े, जबकि गांवों में यह बढ़ोतरी करीब 17.3 लाख रही।
दोनों क्षेत्रों की टेली-डेंसिटी में अंतर और भी बड़ा है। शहरी इलाकों में प्रति 100 लोगों पर करीब 156 कनेक्शन हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या लगभग 61 है। इससे साफ है कि कनेक्शन के मामले में शहरों की हिस्सेदारी काफी अधिक बनी हुई है।
दिल्ली की टेली-डेंसिटी 375%, बिहार सबसे पीछे
राज्यों और टेलीकॉम सर्किलों के आंकड़ों में दिल्ली सबसे आगे रही। यहां टेली-डेंसिटी 375.65 प्रतिशत दर्ज की गई। दिल्ली सर्किल में नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ क्षेत्रों के मोबाइल कनेक्शन भी शामिल हैं।
वहीं बिहार टेलीकॉम सर्किल की टेली-डेंसिटी 64.49 प्रतिशत रही, जो देश में सबसे कम है। इस सर्किल में झारखंड भी शामिल है। दोनों क्षेत्रों के आंकड़ों में बड़ा अंतर बताता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में टेलीकॉम कनेक्शन की उपलब्धता एक जैसी नहीं है।
मोबाइल कनेक्शन में जियो पहले, एयरटेल दूसरे नंबर पर
सितंबर में वायरलेस कनेक्शन की संख्या बढ़कर 131.92 करोड़ हो गई। इसमें मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाएं शामिल हैं। रिलायंस जियो करीब 51.11 करोड़ मोबाइल कनेक्शन और 39.32 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा।
भारती एयरटेल के पास लगभग 49.43 करोड़ कनेक्शन रहे। उसकी बाजार हिस्सेदारी 38.02 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि सक्रिय मोबाइल कनेक्शन के अनुपात में एयरटेल आगे रहा। कंपनी के 98.94 प्रतिशत कनेक्शन सक्रिय पाए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में करीब 1.68 करोड़ ग्राहकों ने मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आवेदन भी किया।
ब्रॉडबैंड कनेक्शन बढ़े, एयरफाइबर की मांग भी जारी
इंटरनेट सेवाओं के मामले में भी बढ़ोतरी हुई है। अगस्त में देश में करीब 110.12 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, जो सितंबर में बढ़कर 110.77 करोड़ हो गए। इस बाजार में जियो पहले और एयरटेल दूसरे स्थान पर रहा।
5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी एयरफाइबर कनेक्शन भी 1.13 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.36 करोड़ हो गए। इनमें जियो के लगभग 95.2 लाख और एयरटेल के 40.9 लाख कनेक्शन हैं।
यह तकनीक मोबाइल नेटवर्क के जरिए घरों और कार्यालयों तक इंटरनेट पहुंचाती है। इसके लिए हर जगह पारंपरिक फाइबर केबल बिछाना जरूरी नहीं होता।
TRAI के आंकड़ों से देश में टेलीकॉम कनेक्शन और ब्रॉडबैंड सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल सामने आया है। हालांकि शहरों और गांवों के बीच मौजूद अंतर अभी भी बड़ा है। पूरी रिपोर्ट और आगे के मासिक आंकड़े TRAI की आधिकारिक वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।









