Anand Mahindra ने क्यों बदला अपना UPI ऐप? दिलीप असबे से मुलाकात के बाद चुना स्वदेशी BHIM

आनंद महिंद्रा ने NPCI प्रमुख दिलीप असबे से मुलाकात के बाद BHIM ऐप अपनाया। जानें उन्होंने अपना UPI ऐप क्यों बदला और स्वदेशी BHIM की क्या खासियत है।

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने UPI पेमेंट के लिए BHIM ऐप इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उन्होंने NPCI के प्रमुख दिलीप असबे से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया। सोशल मीडिया पर उन्होंने इसकी वजह भी बताई है।

Tech: उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने डिजिटल पेमेंट के लिए अपना UPI ऐप बदल लिया है। अब वह स्वदेशी BHIM ऐप से पेमेंट कर रहे हैं। इसकी जानकारी उन्होंने 26 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट शेयर करके दी। आनंद महिंद्रा ने बताया कि NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप असबे से हुई बातचीत ने उन्हें काफी प्रभावित किया। उन्होंने असबे के काम और उनके सादगी भरे स्वभाव की भी तारीफ की।

एक दोस्त के सवाल से शुरू हुई पूरी बात

आनंद महिंद्रा ने अपनी पोस्ट में बताया कि कुछ समय पहले उनके एक दोस्त ने पूछा था कि वह ऑनलाइन पेमेंट के लिए कौन सा ऐप इस्तेमाल करते हैं। जवाब सुनकर दोस्त ने उनसे पूछा कि वह भारत में बने BHIM ऐप का इस्तेमाल क्यों नहीं करते।महिंद्रा के मुताबिक, उस समय उन्हें BHIM के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। दोस्त ने उनकी दिलीप असबे से मुलाकात कराई। इसके बाद दोनों के बीच भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम और उसके काम करने के तरीके पर बातचीत हुई।इस मुलाकात के बाद आनंद महिंद्रा ने BHIM ऐप इस्तेमाल करने का फैसला किया। उन्होंने दिलीप असबे के साथ अपनी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर शेयर की।

दिलीप असबे भारत में डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था संभालने वाली संस्था NPCI के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। UPI को विकसित करने और देशभर में इसकी सुविधा पहुंचाने में इस संस्था की अहम भूमिका रही है। असबे भी कई वर्षों से इस काम से जुड़े हैं।

Anand Mahindra ने क्यों बदला अपना UPI ऐप? दिलीप असबे से मुलाकात के बाद चुना स्वदेशी BHIM

आज मोबाइल से पेमेंट करने के लिए लोग Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM जैसे ऐप इस्तेमाल करते हैं। इनमें से किसी भी ऐप से पैसे भेजने पर बैंक खातों के बीच लेनदेन UPI के जरिए होता है। इस पूरे नेटवर्क को NPCI चलाता है। इसी व्यवस्था के कारण अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करने वाले लोग भी एक-दूसरे को पैसे भेज पाते हैं।

आनंद महिंद्रा ने बताया कि दिलीप असबे से मिलने से पहले वह इन पेमेंट ऐप्स के पीछे काम करने वाली व्यवस्था के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। बातचीत में असबे ने उन्हें समझाया कि UPI नेटवर्क कैसे चलता है और NPCI की इसमें क्या जिम्मेदारी है। महिंद्रा के लिए यह मुलाकात भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को समझने का मौका भी बनी।

UPI पर आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?

आनंद महिंद्रा ने अपनी X पोस्ट में UPI को आसान तरीके से समझाया। उन्होंने इसकी तुलना रेलवे से की। उनके मुताबिक, PhonePe, Google Pay और दूसरे पेमेंट ऐप अलग-अलग ट्रेनों जैसे हैं। वहीं NPCI उस रेलवे ट्रैक का काम करता है, जिसकी मदद से ये सभी ऐप चलते हैं।

उन्होंने सितंबर 2026 के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि देश में एक महीने के दौरान UPI से 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। इस हिसाब से रोजाना औसतन 80 करोड़ से अधिक पेमेंट हुए।

महिंद्रा ने लिखा कि भारत आज रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। उन्होंने इस कामयाबी का श्रेय उन लोगों को भी दिया, जिन्होंने देश में UPI को इस स्तर तक पहुंचाने में मेहनत की है। दिलीप असबे भी उनमें शामिल हैं।

असबे से मुलाकात में आनंद महिंद्रा को क्या पसंद आया?

दिलीप असबे से मुलाकात के बाद आनंद महिंद्रा ने उनके स्वभाव की खूब तारीफ की। महिंद्रा ने X पर लिखा कि इतने बड़े पेमेंट नेटवर्क की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद असबे की बातचीत में कहीं भी घमंड नजर नहीं आया। उन्हें न अपने पद का रौब दिखाने की जरूरत महसूस हुई और न ही अपनी कामयाबी का बखान करने की।

बातचीत के दौरान असबे बार-बार अपनी टीम की मेहनत का जिक्र करते रहे। भारत में UPI ने जो मुकाम हासिल किया है, उसे वह अकेले अपनी सफलता नहीं मानते। महिंद्रा को उनकी यही बात पसंद आई। उन्होंने लिखा कि असबे उन लोगों में हैं, जो बड़े काम करने के बाद भी खुद को चर्चा के केंद्र में रखना पसंद नहीं करते।

दिलीप असबे की मां का जिक्र क्यों किया?

आनंद महिंद्रा ने X पर दिलीप असबे की मां के बारे में भी लिखा। मुलाकात के दौरान उन्हें पता चला था कि असबे की मां टीचर थीं। महिंद्रा को यह बात खास लगी। उन्होंने लिखा कि जिन बच्चों की मां टीचर होती हैं, उनकी परवरिश में अच्छी आदतों और संस्कारों का खास ध्यान रखा जाता है।

महिंद्रा को लगा कि असबे के व्यवहार में भी उनकी परवरिश की झलक मिलती है। इतने बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी वह अपनी कामयाबी का श्रेय टीम को देते हैं। महिंद्रा ने कहा कि इंसान बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के बाद भी विनम्र रह सकता है। असबे से मुलाकात ने उन्हें यही बात याद दिलाई।

आनंद महिंद्रा ने BHIM ऐप इस्तेमाल करना क्यों शुरू किया?

आनंद महिंद्रा ने बताया कि एक बार उनके दोस्त ने बातचीत के दौरान उनसे डिजिटल पेमेंट ऐप के बारे में पूछा था। महिंद्रा ने बताया कि वह कौन सा ऐप इस्तेमाल करते हैं। इस पर दोस्त ने BHIM का नाम लिया और पूछा कि वह इस भारतीय ऐप से पेमेंट क्यों नहीं करते। महिंद्रा ने माना कि उन्हें उस समय BHIM के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

दोस्त ने ही उनकी मुलाकात NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप असबे से कराई। असबे ने बातचीत में बताया कि भारत का UPI सिस्टम कैसे काम करता है और अलग-अलग पेमेंट ऐप्स इस नेटवर्क से कैसे जुड़े हैं। महिंद्रा को इस मुलाकात में डिजिटल पेमेंट से जुड़ी कई बातें जानने को मिलीं।

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