झारखंड के लातेहार पुलिस ने स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन के तहत JJMP के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से AK-47, दो SLR राइफल, 318 जिंदा कारतूस और संचार उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने जंगल में घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
लातेहार: झारखंड के नक्सल प्रभावित लातेहार जिले में पुलिस को उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से अत्याधुनिक हथियार, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और संचार उपकरण बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई छिपादोहर थाना क्षेत्र के कुरूमखेता जंगल में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी किसी बड़ी नक्सली वारदात की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान
पुलिस ने जिन दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- मनोज लोहरा, निवासी जोबला पांकी, पलामू
- महादेव सिंह, निवासी सिमरियाटांड़, लातेहार
लातेहार के पुलिस अधीक्षक Kumar Gaurav ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपी हाल ही में जेजेएमपी संगठन से जुड़े थे।
गुप्त सूचना के आधार पर चला ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी उग्रवादी शंकर राम अपने दस्ते के साथ कुरूमखेता जंगल में मौजूद है और किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है।
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सूचना मिलने के बाद पुलिस ने “स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन” के तहत संयुक्त अभियान शुरू किया। इस अभियान में:
- जिला पुलिस बल
- आईआरबी जवान
- और विशेष उग्रवाद विरोधी टीम
- को शामिल किया गया।
पुलिस को देखते ही भागने लगे उग्रवादी
जैसे ही पुलिस टीम जंगल क्षेत्र में पहुंची, वहां मौजूद उग्रवादी भागने लगे। सुरक्षा बलों ने तेजी से इलाके की घेराबंदी की और पीछा करते हुए दो उग्रवादियों को पकड़ लिया।
हालांकि, पुलिस के अनुसार जेजेएमपी कमांडर शंकर राम और उसके कुछ अन्य साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। पुलिस अब उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
बरामद हुए अत्याधुनिक हथियार
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने उग्रवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए। इनमें शामिल हैं:
- एक AK-47 राइफल
- दो SLR राइफल
- पांच मैगजीन
- 318 जिंदा कारतूस
इसके अलावा सुरक्षाबलों ने कई संचार उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की है।
संचार उपकरण और वर्दी भी मिली
पुलिस ने उग्रवादियों के कब्जे से:
- दो वॉकी-टॉकी
- दो वाई-फाई राउटर
- पांच मोबाइल फोन
- छह सिम कार्ड
और तीन चितकबरी वर्दियां भी बरामद की हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक संचार उपकरणों का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि उग्रवादी संगठन डिजिटल नेटवर्क और तकनीकी साधनों का उपयोग बढ़ा रहे हैं।
झारखंड में कमजोर पड़ रहा JJMP नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों की वजह से जेजेएमपी संगठन की गतिविधियां कमजोर हुई हैं।
एसपी कुमार गौरव के अनुसार:
“सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण संगठन की पकड़ कमजोर पड़ रही है। गिरफ्तार दोनों उग्रवादी केवल एक महीने पहले ही संगठन में शामिल हुए थे।”
उन्होंने कहा कि युवाओं को उग्रवादी संगठनों से दूर रहना चाहिए और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाना चाहिए।
आत्मसमर्पण की अपील
लातेहार पुलिस ने जंगल क्षेत्रों में सक्रिय अन्य उग्रवादियों से भी आत्मसमर्पण करने की अपील की है।
अधिकारियों ने कहा कि:
- सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास सहायता देती है
- रोजगार और सामाजिक पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है
- और हिंसा छोड़ने वालों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जाता है
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उग्रवादी हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ते हैं, तो अभियान और तेज किया जाएगा।
झारखंड में नक्सल चुनौती अब भी बरकरार
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे जिलों में अब भी उग्रवादी नेटवर्क सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- जंगल और दुर्गम इलाकों का भौगोलिक फायदा
- बेरोजगारी
- और स्थानीय असंतोष
- उग्रवादी संगठनों को कुछ क्षेत्रों में आधार प्रदान करते हैं।
हालांकि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति, सड़क निर्माण, सुरक्षा अभियानों और विकास योजनाओं के कारण स्थिति में सुधार देखने को मिला है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई कई स्तरों पर महत्वपूर्ण होती है:
- उग्रवादी नेटवर्क कमजोर पड़ता है
- हथियारों की सप्लाई रुकती है
- और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है
- AK-47 और SLR जैसे हथियारों की बरामदगी यह भी दिखाती है कि संगठन अब भी गंभीर हमलों की क्षमता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस ने बताया कि फरार उग्रवादियों की तलाश में इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ के आधार पर:
- संगठन के नेटवर्क
- हथियार सप्लाई चैन
- और संभावित हमलों की योजनाओं
- के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।










