भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में महिला सुरक्षा, प्रशासन, भर्ती और अपराध जांच समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
भोपाल: राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 11 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत 2009 से 2016 बैच के अधिकारियों को महिला सुरक्षा, अपराध जांच, प्रशासन, प्रशिक्षण और भर्ती जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस फेरबदल में वर्ष 2009 से 2016 बैच तक के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बदलाव का उद्देश्य पुलिस मुख्यालय के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना और महिला सुरक्षा, प्रशासन, प्रशिक्षण, भर्ती व अपराध जांच जैसे विभागों को मजबूत करना बताया जा रहा है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार, 2009 बैच के आईपीएस अवधेश गोस्वामी को डीआईजी (कल्याण/लेखा) नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रशांत खरे को डीआईजी (अपराध जांच विभाग) और मनीष अग्रवाल को डीआईजी (प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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2010 बैच की अधिकारी किरणलता केरकेट्टा को डीआईजी (महिला सुरक्षा) से हटाकर अब डीआईजी (शिकायतें) बनाया गया है। इसी बैच के मनोज कुमार राय को डीआईजी (चयन एवं भर्ती) पद पर तैनात किया गया है।
महिला सुरक्षा और प्रशासनिक विभागों पर फोकस
2011 बैच के आईपीएस रियाज इकबाल को डीआईजी (प्रशासन) का कार्यभार दिया गया है। वहीं राहुल कुमार लोढ़ा को डीआईजी (विशेष कार्य बल) नियुक्त किया गया है। इसी बैच की अधिकारी सिमाला प्रसाद को डीआईजी (महिला सुरक्षा) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा 2012 बैच के शिवदयाल को डीआईजी (शस्त्र एवं गोला-बारूद) बनाया गया है। 2016 बैच के मनीष खत्री को सहायक महानिरीक्षक (अपराध जांच विभाग) और रामशरण प्रजापति को सहायक महानिरीक्षक (चयन एवं भर्ती) नियुक्त किया गया है।
कार्यकुशलता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा
पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह फेरबदल विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। खास तौर पर महिला सुरक्षा, प्रशिक्षण, कल्याण, भर्ती और प्रशासनिक समन्वय जैसे क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती कर कार्यकुशलता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस बल में जवाबदेही और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। इसे राज्य में प्रभावी कानून व्यवस्था और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।











