जमशेदपुर में ईंधन संकट से हड़कंप: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, प्रशासन से सुरक्षा की मांग

जमशेदपुर में पेट्रोल- डीजल की कमी और अफरातफरी से पंपों पर लंबी कतारें लग गईं है। कई पंप ड्राई हुए, प्रशासन से सुरक्षा और सप्लाई सामान्य करने की मांग उठी।

जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल संकट से अफरातफरी मच गई है। पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई पंप ड्राई हो गए हैं। प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है, जबकि जल्द सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर अचानक बनी स्थिति ने आम लोगों में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी और सीमित वितरण के कारण वाहन चालकों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई पंपों पर संचालन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

कई पेट्रोल पंप सूखे, सीमित ईंधन वितरण शुरू

जमशेदपुर में कुल 36 पेट्रोल पंपों में से लगभग 32 पंप बुधवार रात तक आंशिक या पूरी तरह ड्राई हो चुके थे। हालांकि नई आपूर्ति आने के बाद कुछ पंप गुरुवार को फिर से खुले, लेकिन वहां भारी भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी।

कई स्थानों पर पंप संचालकों ने दोपहिया वाहनों को 200 रुपये तक और चार पहिया वाहनों को 500 रुपये तक ही ईंधन देने की सीमा तय कर दी है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आपूर्ति मिल सके।

पंपों पर लंबी कतारें, यातायात व्यवस्था प्रभावित

शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगह कतारें सड़क तक पहुंच गईं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। लोग घंटों इंतजार के बाद भी पेट्रोल-डीजल भरवा पा रहे हैं।

कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म होने के बाद उन्हें बंद करना पड़ा, जबकि कई लोग बंद पंपों के बाहर भी ईंधन आने की उम्मीद में खड़े रहे।

अचानक बढ़ी मांग से बिगड़ी स्थिति

जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष कुणाल कुमार ने स्पष्ट किया कि शहर में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि घबराहट में हुई खरीदारी (panic buying) के कारण स्थिति बिगड़ी है।

उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में ईंधन की मांग कई गुना बढ़ गई है। लोग जरूरत से अधिक, यहां तक कि एक महीने का ईंधन एक साथ भरवाने लगे हैं, जिससे पंपों पर अचानक दबाव बढ़ गया।

प्रशासन से सुरक्षा की मांग, पुलिस तैनाती जरूरी

पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने प्रशासन से अपील की है कि पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाए। संचालकों का कहना है कि भीड़ बढ़ने से न केवल अव्यवस्था फैल रही है, बल्कि किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका भी बनी हुई है।

कुछ पंप संचालकों ने यह भी कहा है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मिलने के बाद ही बंद पड़े पंपों को फिर से पूरी क्षमता के साथ खोला जाएगा।

रिकॉर्ड बिक्री के बावजूद अस्थायी संकट

भीड़ और अफरातफरी के बीच बुधवार को जमशेदपुर में लगभग 3 लाख लीटर ईंधन की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। इसके बावजूद कई पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म हो गया, जिसके चलते उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए गुरुवार को नई आपूर्ति पहुंचने के बाद हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

धनबाद में भी असर, सीमित वितरण लागू

ईंधन संकट का असर केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहा। धनबाद में भी पेट्रोल-डीजल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। वहां भी कई पंपों ने सीमित मात्रा में ईंधन वितरण शुरू किया है।

दोपहिया वाहनों को 100 से 200 रुपये और चार पहिया वाहनों को 500 से 1000 रुपये तक ही ईंधन दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आपूर्ति मिल सके।

प्रशासन की निगरानी में हालात

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि आपूर्ति नियमित रूप से जारी है और स्थिति जल्द सामान्य होने की संभावना है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भीड़ नियंत्रण तथा ईंधन वितरण व्यवस्था को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल, घबराहट में खरीदारी और बढ़ती मांग ने पूरे इलाके में अस्थायी संकट जैसी स्थिति पैदा कर दी है, लेकिन नई आपूर्ति के साथ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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