जोधपुर के मथानिया क्षेत्र में अवैध बजरी से भरे डंपर चालक ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। आरोपी ने सड़क पर बजरी खाली कर रास्ता जाम किया और मौके का फायदा उठाकर डंपर सहित फरार हो गया।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि अवैध बजरी से भरे एक डंपर चालक ने पुलिस के रुकने के संकेत को नजरअंदाज करते हुए वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिसकर्मियों पर डंपर चढ़ाने की कोशिश की। जब पुलिस ने उसका पीछा किया तो चालक ने बीच सड़क पर पूरी बजरी खाली कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया और मौके से फरार हो गया।
यह घटना मथानिया थाना क्षेत्र के बालरवा गांव के पास मंगलवार दोपहर हुई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन के नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान कर ली गई है।
गश्त के दौरान पुलिस ने रोका संदिग्ध डंपर
पुलिस के अनुसार, जिला विशेष शाखा (डीएसबी) की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान सामने से एक डंपर आता दिखाई दिया, जिस पर अवैध रूप से बजरी परिवहन किए जाने का संदेह था। टीम ने चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से आगे बढ़ने का प्रयास किया।
पुलिस का आरोप है कि चालक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए डंपर की रफ्तार बढ़ाई और पुलिस टीम की ओर वाहन मोड़ दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने स्वयं को सुरक्षित किया और चालक का पीछा जारी रखा।
पुलिस पर वाहन चढ़ाने का प्रयास
घटना के दौरान डंपर चालक ने कथित तौर पर पुलिस टीम को डराने और रास्ता बनाने के लिए वाहन को उनकी ओर मोड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी समय रहते नहीं हटते तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पुलिस ने इस घटना को सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों की जान को खतरे में डालने की गंभीर कोशिश माना है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

सड़क पर बजरी खाली कर बनाया भागने का रास्ता
जब पुलिस ने पीछा जारी रखा और डंपर को घेरने की कोशिश की, तब चालक ने एक अलग रणनीति अपनाई। उसने चलते वाहन में ही डंपर का डाला ऊपर उठाकर पूरी बजरी सड़क पर खाली कर दी।
कुछ ही क्षणों में सड़क पर बजरी का बड़ा ढेर लग गया, जिससे पुलिस वाहन आगे नहीं बढ़ सका। सड़क पर अचानक बने इस अवरोध का फायदा उठाकर आरोपी चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया।
इस घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और रास्ता साफ करने में पुलिस को अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
अवैध बजरी परिवहन पर थी पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर जिला विशेष शाखा की टीम नियमित निगरानी और गश्त कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने फरार डंपर का पंजीकरण नंबर नोट कर लिया। जांच अधिकारियों ने वाहन के रजिस्ट्रेशन के आधार पर उसके मालिक की पहचान कर ली है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय डंपर कौन चला रहा था और क्या वाहन का उपयोग नियमित रूप से अवैध बजरी परिवहन के लिए किया जा रहा था। आवश्यकता पड़ने पर वाहन मालिक से भी पूछताछ की जाएगी।
चालक की तलाश में जुटी पुलिस टीम
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि डंपर के भागने के मार्ग और चालक की पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अवैध खनन और परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
अवैध बजरी खनन बना बड़ी चुनौती
राजस्थान के कई जिलों में अवैध बजरी खनन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। अवैध रूप से बजरी निकालने और उसका परिवहन करने वाले गिरोह अक्सर कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए नए तरीके अपनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, पर्यावरणीय संतुलन और सड़क सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा बिना अनुमति खनन से सरकारी राजस्व का भी नुकसान होता है।
पुलिस पर हमले के मामलों को गंभीरता से देखता है कानून
कानून विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सरकारी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करता है या जानबूझकर सरकारी कार्य में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि चालक ने जानबूझकर पुलिस पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया, तो उस पर गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही अवैध खनन और बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में भी अलग से कार्रवाई संभव है।
प्रशासन की सख्ती जारी
राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीमें समय-समय पर कार्रवाई कर अवैध परिवहन में शामिल वाहनों को जब्त करती हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल जोधपुर की इस घटना में फरार डंपर चालक की तलाश जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।












