राजस्थान के जोधपुर में MD ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने बनाड़ थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर आरोपी गणपत राम को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास 3.55 किलोग्राम MD ड्रग बरामद हुई। जांच में सामने आया कि तस्करों ने जोधपुर को एक सुरक्षित हब बना लिया था, जिससे पूरे राज्य में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी।
तस्करों का निशाना: कॉलेज छात्र
जांच में यह खुलासा हुआ कि MD ड्रग का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों तक नशा पहुँचाना था। तस्करों ने बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध तरीके से कॉलेज छात्रों को अपना लक्ष्य बनाया। ये ड्रग्स जोधपुर से पूरे राजस्थान में सप्लाई की जाती थीं, और इसके लिए कच्चा माल गुजरात से स्लीपर बसों में लाकर जोधपुर लाया जाता था।
मकान को फैक्ट्री बनाने के लिए दिया गया
आरोपी गणपत राम ने अपने बनाड़ के मकान की छत किराए पर सांचौर के तस्करों को दी, जहाँ MD ड्रग बनाई जाती थी। पूछताछ में गणपत ने बताया कि उसके मकान में तैयार MD को राज्य के विभिन्न शहरों और कॉलेजों में भेजा जाता था। इसके अलावा मारवाड़ में जालोर, पाली, जोधपुर, मेवाड़ के चित्तौड़गढ़ तथा गुजरात, महाराष्ट्र के मुंबई और मध्य प्रदेश तक सप्लाई की जाती थी।
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जांच में यह पता चला कि आरोपी महज एक कड़ी था। पूरे सिंडिकेट ने मारवाड़ में मजबूत नेटवर्क बना रखा था। तस्करों का लक्ष्य युवा पीढ़ी को नशे की लत में फंसाना और उनकी जिंदगी खराब करना था। बड़े आयोजनों और पार्टियों में भी इन तस्करों ने ड्रग्स की सप्लाई की।
गुजरात से केमिकल की तस्करी
MD ड्रग बनाने के लिए आवश्यक केमिकल गुजरात के वलसाड और राजकोट से लाया जाता था। केमिकल को अलग-अलग ड्रमों में भरकर स्लीपर बसों के माध्यम से जोधपुर और आसपास के इलाकों में तस्करी किया जाता था। मुंबई में खपत बढ़ने के बाद गुजरात और मुंबई के तस्करों ने मिलकर बड़े स्तर पर सप्लाई की। बाड़मेर और सांचौर में कई फैक्ट्रियां स्थापित की गईं, जिनमें से पिछले वर्ष अक्टूबर से अब तक 13 फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि जालोर और सांचौर के लगभग 40 प्रतिशत युवा MD ड्रग की चपेट में हैं। तस्करों का मकसद युवा पीढ़ी को बर्बाद करना था। कॉलेज में नए छात्रों को नशा लगाकर उनकी जिंदगी प्रभावित करना उनकी योजना का हिस्सा था।
एडीसीपी अमृतलाल जीनगर ने बताया कि पुलिस ने इस तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। तस्करों के खिलाफ किसी भी प्रकार का नरम रुख नहीं अपनाया जाएगा। जो भी आरोपी इस नेटवर्क में शामिल होंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई से युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
100 करोड़ की MD तस्करी का खुलासा
18 मार्च 2026 को ANTF टीम ने धोरीमन्ना से राजू उर्फ पप्पू जानी को गिरफ्तार किया था। यह तस्कर विभिन्न फैक्ट्रियों में बनने वाले माल को सप्लाई और बेचना का जिम्मेदार था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसने अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का MD बेचा था। ANTF टीम के IG विकास कुमार ने बताया कि इस गिरोह पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी और बड़े पैमाने पर कार्यवाही की गई।
जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र में MD ड्रग तस्करी और सप्लाई से युवा पीढ़ी में चिंता की स्थिति बनी हुई है। कॉलेजों के छात्रों को निशाना बनाने वाले इस नेटवर्क ने इलाके में खतरे की घंटी बजा दी है। पुलिस की कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इसे रोकने का प्रयास जारी है।











